शिकंजा: पुलिस का साइबर ठगी पर एक और कड़ा प्रहार, 16.35 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी दबोचा
अपराधी पर घोषित था 10 हजार रुपए का ईनाम
राजेन्द्र शिवाली
कोटद्वार। विगत 6 फरवरी 2025 को जौनपुर कोटद्वार निवासी आरती बेलवाल द्वारा कोतवाली कोटद्वार में दिए शिकायती पत्र में बताया गया गया था कि 28 अगस्त 2024 को मोबाइल नंबर 9568891963 से उसे व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉलर द्वारा उसके बच्चे और पति को जान से मार देने की धमकी दी गई। कॉलर द्वारा लगातार कई दिनों तक कॉल करके उसे डराया धमकाया गया और पैसे की मांग की गई। वह बहुत डर गई और अपने घर में रखी ज्वैलरी को बेचकर और इधर-उधर से पैसों की व्यवस्था कर अज्ञात कॉलर को यूपीआई व खाते में ट्रंसफर के माध्यम में कुल 6 लाख 90 हजार रुपये की धनराशि दे दी गई। इसके अलावा बालासौड़ कोटद्वार निवासी गणेश चौधरी द्वारा भी कोतवाली में दिए एक शिकायती पत्र में बताया गया कि उनका भाई विदेश में नौकरी करता है। उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके भाई का वीजा समाप्त होने का झांसा देकर व डराकर कुल 9 लाख 45 हजार रुपये की धनराशि ठग ली गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा आम जनमानस के साथ डरा धमका कर हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चन्द्रमोहन सिंह एवं क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन तुषार बोरा के पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार रमेश तनवार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा बैंक खातों की डिटेल व अन्य जांच में पता चला दोनों साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को एक ही साइबर गैंग द्वारा अंजाम दिया गया है, जिसमें मुख्य अभियुक्त पुरनिया, थाना पश्चिम चंपारण, बेतिया बिहार निवासी साजिद खान पुत्र तय्यब की पहचान की गई। अभियुक्त शातिर किस्म का होने के कारण गिरफ्तारी से बचते हुए लगातार फरार चल रहा था और अपने ठिकाने बदल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त साजिद खान को अथक प्रयासों के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजविक्रम सिंह, अपर उपनिरीक्षक दीपक अरोड़ा, मुख्य आरक्षी करण कुमार व सतेन्द्र कुमार शामिल थे।

