शिकंजा: पांच लाख की लूट प्रकरण में फरार दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार, लूट के डेढ़ लाख रुपए बरामद
देहरादून। बुजुर्ग से पांच लाख रुपये की लूट के मामले में फरार दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके कब्जे से लूट के डेढ़ लाख रुपये भी बरामद कर लिये हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आज यहां इसकी जानकारी देते हुए डीआईजी/एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 23 मई को शेरदीन निवासी जाटोवाला, थाना सहसपुर देहरादून ने कोतवाली विकासनगर पर आकर एक तहरीर दी थी कि वह बैंक से पैसे निकाल कर बाहर पैदल हरर्बटपुर की तरफ जा रहा था, तभी 2 मोटर साईकिल सवार लोगों ने उसका पैसों से भरा बैग छीन लिया और भाग गये। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए टीम का गठन किया। टीमों द्वारा 07 जून को अमित कुमार पुत्र प्रदीप कुमार, निवासी पीएसी के पास आदर्श कालोनी, थाना सिविल लाईन, मुरादाबाद को लूट के एक लाख पांच हजार रुपये के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके साथी अविनाश उर्फ मोहित पुत्र राजेन्द्र उर्फ रजवा, निवासी पीएसी के पास आदर्श कालोनी, थाना सिविल लाईन, मुरादाबाद को 14 जून को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया जिसे आज न्यायालय में पेश किया गया। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया 21 मई को वह अपने दोस्त अमित कुमार के साथ उसकी मोटरसाईकिल से हरिद्वार पहुंचा। वहां दोनों ने हरिद्वार की धर्मशाला में कमरा लिया तथा 22 की रात को दूसरी धर्मशाला में रुके तथा सुबह मोटरसाईकिल से देहरादून होते हुए पांवटा साहिब के लिए निकले। दोनों हरबर्टपुर पहुंचे तो उसने कहा कि यहीं बैंक में देख लेते हैं कुछ ना कुछ मिल जायेगा। जिसके बाद उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। उसके बाद हरिद्वार धर्मशाला से उन्होंने अपने कपड़ों का बैग लिया और उसी समय नजीबाबाद से धामपुर होते हुए मुरादाबाद पहुंच गये। मुरादाबाद में उन्होेंने पैसे आपस में बांट लिये, जिसमें अमित ने खुद 03 लाख रुपये रख लिये व 02 लाख रुपये उसको दिये। पैसों को लेकर वह अपने घर चला गया व अमित अपने घर चला गया। शेष रुपये उसके द्वारा घर के सामान कपड़े, दवाई व अन्य कार्य में खर्च कर दिये गये। उसके द्वारा इससे पूर्व दिल्ली, भिवानी हरियाणा में भी लूट की घटना की गयी है। एसएसपी ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

