शर्मनाक: सारीगाड में दो घंटे तक जाम में फंसी रही 108, प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती
उत्तरकाशी(आरएनएस)। यमुनाघाटी की लाइफ लाइन यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सारीगाड के पास भूस्खलन अब राहगीरों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। शनिवार को भूस्खलन के कारण लगे जाम में एक 108 एंबुलेंस करीब दो घंटे तक फंसी रही। एंबुलेंस में सवार गर्भवती प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मंजियाली गांव निवासी कंचन को शनिवार सुबह करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी नौगांव से हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया था। 108 एंबुलेंस महिला को लेकर देहरादून रवाना हुई लेकिन सारीगाड के पास भारी मलबे के कारण लगे जाम में फंस गई। महिला के पति यशवीर के अनुसार, एंबुलेंस करीब दो घंटे तक जाम में फंसी रही।इस दौरान कंचन दर्द से कराहती रही और परिजन परेशान रहे। जाम के चलते उन्हें देहरादून अस्पताल पहुंचने में शाम करीब आठ बज गए। बताया गया कि शुक्रवार रात पहाड़ी से भारी मलबा आने के बाद यमुनोत्री हाईवे बाधित हो गया था। सैकड़ों वाहन रातभर जाम में फंसे रहे। शनिवार दोपहर तक यातायात सामान्य हो सका।यमुनाघाटी कांग्रेस के जिला प्रवक्ता सोबत सिंह राणा ने कहा कि सारीगाड का भूस्खलन अब आम यात्रियों के साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी खतरा बन चुका है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का स्थायी उपचार कराए जाने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज की जान जोखिम में न पड़े।
यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञ डॉक्टर नदारद
उधर , यमुनोत्री धाम के मार्ग की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े उठाए गए हैं। चारधाम यात्रा नोडल अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. रमेश आर्य के शनिवार को किए गए निरीक्षण में महानिदेशालय स्तर से तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों के ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने का मामला सामने आया। बड़कोट और जानकीचट्टी में फिजिशियन एवं ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों की तैनाती की गई थी लेकिन निरीक्षण के दौरान संबंधित डॉक्टर अपनी ड्यटी पर नहीं मिले। इसके अलावा बाहर से तैनात किए जाने वाले मेडिकल ऑफिसर और फार्मेसी ऑफिसर के भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।नोडल अधिकारी ने यमुनोत्री यात्रा मार्ग के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बढ़ती तीर्थयात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बड़कोट अस्पताल में डॉ. अंगद राणा, खराड़ी में डॉ. अनुष्का गुलेरिया, राना में डॉ. पवन कठैत और जानकीचट्टी में डॉ. अखिल राणा यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं देते मिले। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने 23 सितंबर को स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजकर यात्रा के तहत तैनात फिजिशियन और ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों के ड्यूटी से नदारद रहने का मामला उठाया था। अब नोडल अधिकारी के निरीक्षण में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के ड्यूटी ज्वाइन न करने की जानकारी सामने आने से तैनाती और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

