विधानसभा सत्र: भराड़ीसैंण में सरकार की नीतियों के विरोध में विपक्षी दलों का ज़ोरदार प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल व डॉ हरक सिंह रावत समेत कई नेता गिरफ्तार
दिवालीखाल-जंगलचट्टी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश पर वाटर कैनन का इस्तेमाल
अनिल सती
गैरसैंण। उत्तराखंडविधानसभा के भराड़ीसैंण स्थित परिसर में मंगलवार को सियासी माहौल गरमा गया। विधानसभा सत्र के दौरान जहां सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुद्दों को लेकर हलचल रही, वहीं बाहर कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी), स्वराज सेवा दल और प्रधान संघ से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मोर्चा खोल दिया। विधानसभा की ओर कूच करने और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिशों के बीच पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
दिवालीखाल और जंगलचट्टी क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटने के साथ ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। कांग्रेस नेता करण माहरा समेत कई कार्यकर्ता बैरियर पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलकर आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
दूसरी ओर, यूकेडी कार्यकर्ताओं ने राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर नारेबाजी की। पहाड़ की अस्मिता और स्थायी राजधानी का मुद्दा एक बार फिर प्रदर्शन के केंद्र में रहा। विधानसभा सत्र के दिन हुए इस घटनाक्रम ने सदन के बाहर राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर दिया। विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे कांग्रेस और यूकेडी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए गैरसैंण-दिवालीखाल मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। जंगलचट्टी में प्रदर्शनकारियों ने बैरियर पार करने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस, यूकेडी और स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ता एकजुट होकर आगे बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती गतिविधियों के बीच पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया। उपलब्ध घटनाक्रम के अनुसार, जंगलचट्टी में पुलिस ने दूसरी बार पानी की बौछारें कीं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के पास डटे रहे और विरोध जताते रहे। दिवालीखाल में भी हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब कांग्रेस के नेता बैरियर पर चढ़ गए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। वहां पहले से बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मोर्चा संभाला। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की प्राथमिकता विधानसभा परिसर तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने को रोकना रही, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।
गणेश गोदियाल और डॉ हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री डॉ हरक सिंह रावत समेत कई कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। विधानसभा सत्र के बीच कांग्रेस नेताओं के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक माहौल और गरमा गया। कांग्रेस पहले से ही सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में थी। विधानसभा के बाहर हुए प्रदर्शन को विपक्ष की ओर से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। करण माहरा समेत नेताओं का बैरियर पर चढ़ना इस प्रदर्शन का प्रमुख घटनाक्रम रहा। पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलते हुए आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। बाद में गणेश गोदियाल समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना सामने आई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार किए गए सभी नेताओं की पूरी सूची, हिरासत के बाद की स्थिति और उनकी रिहाई के संबंध में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। भराड़ीसैंण में हुए प्रदर्शन का एक प्रमुख पक्ष उत्तराखंड क्रांति दल की सक्रियता रही। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर बैरिकेडिंग पर विरोध जताया। दुगथम्बा बैरियर पर पहुंचे युवा कार्यकर्ताओं ने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ के नारे लगाए।
यूकेडी के लिए गैरसैंण का मुद्दा केवल राजधानी के स्थान का सवाल नहीं, बल्कि पहाड़ के विकास, क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे विषयों के बीच गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग समय-समय पर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनती रही है। मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं का बैरियर पर जुटना इस मुद्दे को फिर चर्चा में ले आया। यूकेडी नेता आशीष नेगी भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया और राजधानी गैरसैंण के समर्थन में नारेबाजी की। जंगलचट्टी में कांग्रेस और यूकेडी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को व्यापक राजनीतिक रूप दिया। हालांकि, दोनों संगठनों की मांगों और प्रदर्शन के अलग-अलग उद्देश्यों को एक ही मांग मानना उचित नहीं होगा।
प्रधान संघ के प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया
दिवालीखाल में प्रधान संघ के सदस्य भी प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन कर रहे सदस्यों को बस में बैठाकर हिरासत में लिया। इसके साथ ही दुगथम्बा बैरियर पर यूकेडी के युवा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी बढ़ती दिखाई दी। इस घटनाक्रम से स्पष्ट हुआ कि विधानसभा सत्र के दौरान विरोध केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहा। विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। हालांकि, प्रधान संघ के प्रदर्शन की विशिष्ट मांगों, हिरासत में लिए गए सदस्यों की संख्या और पुलिस की आगे की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
भराड़ीसैंण में मंगलवार का दिन दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करता रहा। विधानसभा के भीतर दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, जबकि बाहर कांग्रेस और यूकेडी के कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सदन में नेताओं ने दोनों दिवंगत व्यक्तित्वों के योगदान को याद किया गया। विभिन्न दलों के विधायकों और मंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक जीवन, कार्यशैली और सार्वजनिक योगदान का उल्लेख किया।
विधायक अरविंद पांडेय, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, बंशीधर भगत और मंत्री रेखा आर्या ने भी बीसी खंडूड़ी तथा हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी। सदन में विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों की ओर से श्रद्धांजलि दिया जाना इस बात को रेखांकित करता रहा कि सार्वजनिक जीवन में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखकर भी याद किया जाता है।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसा बजट पेश कर रही है, जिसमें प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। उनके अनुसार, बजट में कुछ नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने नवाचार पर ध्यान देने और मौजूदा योजनाओं को और गति देने की बात कही। विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है और महत्वपूर्ण कार्य विधानसभा के भीतर ही किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बीच विपक्ष का सड़क पर प्रदर्शन सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती के रूप में दिखाई दिया। बजट और विकास संबंधी दावों के साथ विपक्ष की मांगें भी विधानसभा सत्र के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनी रहीं।
भराड़ीसैंण में मंगलवार को हुए घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ सामने रखा। कांग्रेस ने प्रदर्शन के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश की, यूकेडी ने राजधानी गैरसैंण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और प्रधान संघ के सदस्यों ने भी प्रदर्शन किया। पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और हिरासत की कार्रवाई ने प्रदर्शन को और चर्चा में ला दिया। दूसरी ओर, सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि और मुख्यमंत्री के बजट संबंधी बयान के साथ विधानसभा की कार्यवाही आगे बढ़ती रही। राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र केवल विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न दलों और संगठनों ने इसे अपनी मांगें उठाने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल किया।

