राज-काज: महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में अपनी पीड़ा लेकर पहुंच गया पुरुष, आयोग उपाध्यक्ष ने सुनी फरियाद
उत्तरकाशी। राज्य महिला आयोग की ओर से जिला सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को एक पुरुष भी अपनी पीड़ा लेकर पहुंचा। इस दौरान वहां मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए। बृहस्पतिवार को जिला सभागार में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत की अध्यक्षता में महिला जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वह इस दौरान मौजूद महिलाओं की समस्याएं सुन रहे थे तभी अचानक जनपद मुख्यालय के बिरला गली निवासी एक व्यक्ति वहां पर पहुंच गए। उन्होंने उपाध्यक्ष और सभागार में बैठे सभी अधिकारियों से निवेदन किया कि उनकी समस्या को भी सुना जाए। उसके बाद उन्होंने अधिकारियों को अपने और पत्नी के बीच हुए विवाद के कारणों की जानकारी दी। कहा कि इससे पूर्व वह अपनी समस्या सीडब्लूसी और महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों के पास भी लेकर गए थे। कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण उनकी पत्नी बच्चों को साथ लेकर मायके चली गई है। उन्हें अपने बच्चे अब वापस चाहिए।

उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों को देहरादून बुलाकर काउंसलिंग करवाई जाएगी। इसके साथ ही जनसुनवाई कार्यक्रम में आठ अन्य समस्याएं सुनी गईं। सात समस्याएं शराब आदि नशे से हो रही घरेलू हिंसा से संबंधित थीं। इसमें से एक महिला को पति को वहीं पर बुलाकर उसकी काउंसलिंग की गई। रावत ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति कई सामाजिक समस्याओं को जन्म दे रही है। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्र, नारी निकेतन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इसके लिए शासन से वार्ता की जाएगी।

