रजिस्ट्री घोटाला: यूपी का हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, जांच में लापरवाही बरतने पर चौकी प्रभारी को हटाया
देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून बहुचर्चित रजिस्ट्री प्रकरण में दून पुलिस ने मुजफ्फरनगर के हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2023 को संदीप श्रीवास्तव सहायक महानिरीक्षक निबंधन देहरादून व जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति की जांच रिपोर्ट बाबत अज्ञात आरोपियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी की नियत से आपराधिक षडयन्त्र रचकर उप निबंधक कार्यालय प्रथम जनपद देहरादून में भिन्न-भिन्न भूमि विक्रय विलेख से सम्बन्धित धारित जिल्दों के साथ छेड़छाड़ कर अभिलेखों की कूटरचना करने के सम्बन्ध में दी गयी तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया। उपरोत्तफ प्रकरण की विवेचना पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में गठित एसआईटी द्वारा की जा रही है। टीम द्वारा रजिस्ट्रार ऑफिस से जानकारी करते हुए रिंग रोड से सम्बन्धित 30 से अधिक रजिस्ट्रियों का अध्ययन कर सभी लोगों से पूछताछ की तथा पूछताछ में कुछ प्रोपटी डीलर के नाम प्रकाश में आये जिनसे गहन पूछताछ में उत्तफ फर्जीवाड़े में कई लोगों के नाम प्रकाश में आये। गठित टीम द्वारा कई संदिग्धों के विभिन्न बैंक खातों का भी अवलोकन किया गया, जिनमें करोड़ों रुपयो का लेन-देन होना पाया गया। इन लोगों द्वारा बनाये गये दस्तावेजों को रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त करने पर कई फर्जीवाड़े का होना भी पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने सन्तोष अग्रवाल, दीप चन्द अग्रवाल, मक्खन सिंह, डालचन्द, वकील इमरान अहमद, अजय सिंह क्षेत्री, रोहताश सिंह, विकास पाण्डे, कुंवर पाल उर्फ केपी व एडवोकेट कमल विरमानी को गिरफ्तार कर लिया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरूद्ध हैं। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ में कई अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आये थे, जिनकी तलाश में गठित टीम द्वारा लगातार दबिशें, पतारसी सुरागरसी की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आया कि राजपुर रोड जाखन में स्थित भू-स्वामी श्रीमती स्वरूप रानी की भूमि के भी विलेख कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पूर्व की भांति तैयार कर मुजफ्फरनगर निवासी मांगे राम के नाम किये गये और उन्हें भी रजिस्ट्रार रिकॉर्ड रूम में चढ़ाया गया। तत्पश्चात यह भूमि रेखा शर्मा से देहरादून निवासी कमल जिंदल को बेच दी गयी। एसआईटी टीम ने दस्तावेजों की जांचोपरांत 28 सितम्बर की शाम को मुजफ्फरनगर के हिस्ट्रीशीटर विशाल को गिरफ्तार कर लिया। जान चौकी इंचार्ज दरोगा सुमेर कुमार द्वारा आरोपी के विरुद्ध ठोस कार्रवाई न करने पर लापरवाही करने के संदर्भ में एसएसपी अजय सिंह द्वारा सुमेर कुमार को तत्काल पुलिस कार्यालय अटैक कर दिया है।

