मॉक-संसद: रामलीला मैदान में महारैली से पहले ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाएगा इंडिया गठबंधन

मॉक-संसद: रामलीला मैदान में महारैली से पहले ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाएगा इंडिया गठबंधन
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नई दिल्ली (आरएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन महाभियोग की तैयारी कर रहा है। हालांकि, यह प्रस्ताव संसद में पेश करने के बजाय पहले एक मॉक संसद यानी प्रतीकात्मक संसद में लाया जाएगा। इसका आयोजन शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर दोपहर 3:30 बजे किया जाएगा। इस दौरान खड़गे महाभियोग प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार एक बार फिर पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाती नजर आएंगी।
विपक्षी गठबंधन का उद्देश्य इस प्रतीकात्मक संसद के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना और उनके खिलाफ अपनी आपत्तियों को सार्वजनिक रूप से सामने रखना है। प्रस्ताव पर चर्चा के जरिए विपक्ष अपनी राजनीतिक और कानूनी चिंताओं को सामने रखेगा। गठबंधन का मानना है कि संसद में महाभियोग की पहल करने से पहले इस तरह का आयोजन कर एक व्यापक संदेश दिया जा सकता है।
इस कार्यक्रम में विपक्षी सांसदों के साथ कानूनी विशेषज्ञों, अधिवक्ताओं, न्यायविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित आम लोगों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़ी उनकी चिंताओं को चर्चा में स्थान मिल सके।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी सहित अन्य विपक्षी नेता आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। खड़गे के आवास पर संसद जैसी व्यवस्था की जाएगी, जहां महाभियोग प्रस्ताव प्रस्तुत करने और उस पर चर्चा की प्रक्रिया प्रतीकात्मक रूप से संचालित होगी।
केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों को बताया कि मॉक संसद का आयोजन पहले दिल्ली के अशोका होटल में करने की योजना थी, लेकिन पुलिस से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद एक नवंबर को प्रस्तावित रैली से पहले रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की गई। हालांकि, वहां भी पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।
वेणुगोपाल के अनुसार, रामलीला मैदान को इंडिया गठबंधन ने 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक के लिए बुक कराया है। इसके बावजूद वहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब खड़गे के आवास पर मॉक संसद आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
विपक्षी गठबंधन इस आयोजन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहता है। हालांकि, मॉक संसद में प्रस्ताव लाया जाना प्रतीकात्मक राजनीतिक पहल है; इसे संसद में औपचारिक महाभियोग प्रस्ताव पेश किए जाने के समान नहीं माना जा सकता। (फोटो: सोशल मीडिया)

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