मुहिम: 25 जून से 25 जुलाई तक चलेगा सहकारी सदस्यता अभियान, 50 फीसदी महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने दो लाख नए सहकारी सदस्य बनाए जाने के दिए निर्देश
देहरादून। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में 2 लाख नए सदस्यों को पारदर्शिता के साथ बनाया जाए। नए सदस्य 25 जून से 25 जुलाई तक बनाए जाएंगे। इसके लिए पूरी तैयारियां करने के मंत्री ने निर्देश दिए।
डॉ रावत ने शुक्रवार को यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय कैंप कार्यालय में सहकारिता विभाग के शीर्ष अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सहकारिता में 25 जून से 25 जुलाई तक महासदस्यता अभियान संचालित किया जाए। सभी समितियों को निर्वाचन के दायरे में लाया जाए। इसके लिए अधिकारी हर संभव प्रयास करें कि समस्त समितियां उच्च स्तर की संस्थाओं के मताधिकार हेतु अर्हता प्राप्त करने के समस्त मानदंड पूरा करें।
डॉ रावत ने कहा कि राज्य में को-ऑपरेटिव के 2 लाख नए सदस्य बनाए जाएंगे, जिसमें महिलाओं को 50% प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी सदस्य ऑफलाइन और ऑनलाइन बन सकेंगे। ऑफलाइन में सहकारी समिति में स्वयं आवेदन कर सकते हैं जबकि ऑनलाइन के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश मंत्री द्वारा दिए गए। ऑनलाइन कॉल के माध्यम से सदस्य बनाना नियमानुसार बाध्यकारी होगा, जो समिति कोताही बरतेगी उसका संज्ञान अधिकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि समितियों को निर्वाचन के दायरे में लाने के लिए समस्त औपचारिकताएं अधिकारी सुनिश्चित करें, जिससे सभी समितियां निर्वाचन के लिए पात्रता पा सकें।
डॉ रावत ने कहा कि हर समिति की एजीएम करना अनिवार्य होगा तथा बैंक और सहकारी समितियों को लाभांश समय पर देना होगा। डॉ रावत द्वारा वीर माधो सिंह भंडारी संयुक्त सहकारी खेती, सीएससी केंद्र और जन औषधि केंद्र को ब्लॉकों में खोलने के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने सहकारी समितियों के सचिवों के कैडर भर्ती के लिए नियम बनाने के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री द्वारा निबंधक को कोऑपरेटिव के शीर्ष अधिकारियों को अध्ययन करने के लिए दूसरे प्रदेशों में भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि उत्तराखंड सहकारिता विभाग देश में नंबर वन पर आ सके।
सहकारिता सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सहकारिता में मैन पावर और ट्रेनिंग पर जोर देते हुए लेबर को- ओपरेटिव फेडरेशन को मजबूत करने के लिए काम करने के निर्देश दिए। डॉ पुरुषोत्तम ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि वह संयुक्त सहकारी खेती का वित्तीय चार्ट बनाएं, जिससे 37 स्थानों में संयुक्त सहकारी खेती को इस साल लक्ष्य के साथ पूरा किया जा सके।
समीक्षा बैठक में निबंधक उत्तराखंड सहकारी समितियां आलोक कुमार पांडेय, अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद एडी शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल , संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक रामिन्द्री मंद्रवाल व उपनिबंधक मान सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

