ब्रेकिंग न्यूज: तीर्थयात्रियों से मारपीट करने वाले पांच घोड़ा- खच्चर संचालक गिरफ़्तार, भेजे गए जेल
रुद्रप्रयाग। पिछले दिनों केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक महिला तीर्थयात्री समेत अन्य यात्रियों के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी पांच घोड़ा खच्चर संचालकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि गत दस जून को केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्ग में भीमबली के पास एक महिला तीर्थयात्री व अन्य श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला प्रकाश में आया था, जिस पर पीड़ित महिला ने केदारनाथ दर्शन के बाद वापस लौटते समय 12 जून को कोतवाली सोनप्रयाग में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। इस पर पुलिस के स्तर से जांच के बाद मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने गुरुवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद सबको जेल भेज दिया गया है। जेल भेजे गए आरोपियों में अंकित, संतोष कुमार व रोहित कुमार, सभी निवासी ग्राम आसो, जयकंडी, थाना अगस्त्यमुनि, जिला रुद्रप्रयाग के साथ ही गौतम पुत्र आनन्द लाल निवासी ग्राम जाखन भरदार, थाना रुद्रप्रयाग शामिल हैं, जबकि एक नाबालिग आरोपी पर भी कार्रवाई की गई है। वहीं, पुलिस अधीक्षक डाॅ विशाखा ने लोगों को आगाह किया है कि सभी शांति व्यवस्था बनाए रखें व भ्रामक खबरें न फैलाएं। केदारनाथ धाम पैदल मार्ग में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना में भ्रामक जानकारी देने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा- खच्चर संचालकों द्वारा तीर्थयात्रियों के साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने के समाचार को कुछ लोगों द्वारा संप्रदाय विशेष से जोड़कर भ्रामक बनाया गया और विभिन्न सोशल प्लेटफार्म, सहित इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में भी प्रसारण कराया गया था।
पुलिस का कहना है कि मारपीट की घटना से संबन्धित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म में वायरल होने पर असामाजिक तत्वों द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया। विभिन्न सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर व व्हट्सएप ग्रुपों में प्रसारित कर अफवाह फैलायी गई। लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते किसी भी प्रकार का सामाजिक सौहार्द नहीं बिगड़ा। कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस के स्तर से स्वतः संज्ञान लेकर मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित की गयी है। पुलिस के स्तर से ऐसे भ्रामक तथ्य प्रस्तुत कर वीडियो अपलोड, शेयर, रिट्वीट व प्रसारण करने वाले कतिपय सोशल मीडिया अकाउंट्स का चिन्हीकरण कर उनकी वास्तविक जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के स्तर से ऐसे भ्रामक तथ्य प्रसारित करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

