बड़ी खबर: माफिया सरगना मुख़्तार अंसारी को गैंगस्टर केस में 10 साल की सजा
लखनऊ। शनिवार को गाजीपुर से बड़ी खबर आई है। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोपी कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर एक्ट में 10 साल की सजा सुनाई गई है। सोशल मीडिया में वायरल खबर के अनुसार, गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। आरोपी मुख्तार पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज इस केस में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय मर्डर केस के साथ ही वाराणसी व्यापारी नंदकिशोर रूंगटा के अपहरण केस को भी आधार बनाया गया था।
गौरतलब है कि मुख्तार और अफजाल दोनों ही बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के केस में पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में जुलाई 2019 में बरी हो चुके हैं। लेकिन गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई थी कि मुख्तार और अफजाल ने अपने रसूख का इस्तेमाल करके इस केस में गवाही नहीं होने दी और वे बरी हो गए। पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार, माफिया डाॅन मुख्तार अंसारी पर 61 केस दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मुकदमों में सबसे अहम बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का मामला है, जिसमें हत्यारों ने 400 राउंड गोलियां चलाईं थीं। पोस्टमॉर्टम के दौरान मृतक के शरीर से 67 गोलियां निकाली गईं। 2005 में मऊ में भीषण दंगा हुआ था। आरोप है कि मुख्तार अंसारी वहां खुली जीप में हथियार लहराकर घूम रहा था और मुसलमानों को हिंदू बस्तियों पर हमले के लिए उकसा रहा था।

कहा जाता है कि माफिया मुख्तार अंसारी का काफिला जब सड़क से गुजरता था तो कोई उसके सामने आने की हिम्मत नहीं करता था। मुख्तार अंसारी का आतंक मऊ, गाजीपुर, वाराणसी और आजमगढ़ सहित कई जिलों में फैला हुआ था। मुख्तार अंसारी के गिरोह ने 2008 में योगी आदित्यनाथ पर हमला किया। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब उनका काफिला गोरखनाथ मंदिर से निकला तब उनके काफिले पर लगातार गोलियां चलाई गईं।

