फैसला: चेक बाउंस के मामले में आरोपी को आठ माह की जेल और 3.55 लाख रुपये का अर्थदंड
कोटद्वार। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आठ माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 3.55 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की धनराशि में से 3.50 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने और शेष 5000 रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा करने के आदेश किए गए। वहीं अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। ग्राम नींबूचौड़ निवासी प्रमोद सिंह ने ग्राम नंदपुर मोटाढाक निवासी जितेंद्र के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था। कहा गया कि आरोपी जितेंद्र लैंसडौन वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में चालक के पद पर कार्यरत है और दोनों के बीच लंबे समय से लेन-देन होता रहा है। जनवरी 2023 में जितेंद्र ने मकान की मरम्मत के लिए 3.50 लाख रुपये उधार लिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर आरोपी ने चेक दिया। मगर वह बाउंस हो गया। इसके बाद परिवादी ने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को नोटिस भेजा लेकिन नोटिस लौट आया। बाद में डिमांड नोटिस भी दिए गए। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण लेते हुए चेक राशि की वसूली और आरोपी को दंडित करने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी ने आरोपी जितेंद्र को दोषी करार देते हुए आठ माह के साधारण कारावास सुनाई। साथ ही 3.55 लाख रुपये अर्थदंड की सजा लगाया। आरोपी की पूर्व में बिताई गई न्यायिक अभिरक्षा अवधि को सजा में समाहित किया जाएगा।

