प्रतिक्रिया: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बजट को बताया निराशाजनक व उम्मीदें तोड़ने वाला

प्रतिक्रिया: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बजट को बताया निराशाजनक व उम्मीदें तोड़ने वाला
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देहरादून। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट से जनता को बहुत उम्मीद थी लेकिन यह बजट सबकी उम्मीदों को तोड़ने वाला है। भले ही बजट का आकार बढ़ा दिया गया हो लेकिन पिछले वर्षों में सरकार के बजट प्रावधान और बजट खर्च में भारी अंतर देखने को मिला है। जब तक सरकार बजट प्रावधान और बजट खर्च के अंतर को समाप्त करने का तरीका नहीं ढूंढती तब तक बजट प्रावधान का क्या फायदा, क्योंकि अगर धरातल पर बजट खर्च ही नहीं होगा तो उसका लाभ जनता को कैसे मिलेगा ? उन्होंने कहा कि यह बजट उत्तराखंड से पलायन रोकने बेटियों को सुरक्षा देने उद्योगों को बाहर चढ़ाने परंपरागत खेती को प्रोत्साहित करने के मामले में फेल है l

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जन भावना की राजधानी गैरसैंण के लिए केवल 20 करोड रुपए के बजट प्रावधान करके साफ स्पष्ट कर दिया है कि वह गैरसैंण को लेकर की बिल्कुल भी गंभीर नहीं है । इससे पर्वतीय क्षेत्र के प्रति सरकार की गंभीरता और मनसा का भी पता लगता है कि वहां कितना विकास करना चाहती है , परंपरागत कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने अपने बजट में कोई रुचि नहीं दिखाई है। इससे साफ हो गया है कि राज्य में कृषि क्षेत्र को लेकर के सरकार गंभीर नहीं है। वैसे भी जंगली जानवरों से पर्वतीय कृषि को बड़ा नुकसान पहुंचता है, जिससे पर्वतीय कृषक कृषि कार्य से विमुख हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय कृषि उपज की सुरक्षा और बजट में विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता थी, जो सरकार ने नहीं किया ।

करन माहरा ने कहा कि बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ की बात करने वाली भाजपा सरकार ने बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए भी बजट में कोई व्यवस्था नहीं की है। उल्टा नंदा गौरा योजना जिससे बेटियों को शिक्षा में मदद और प्रोत्साहन मिलता था, उसका बजट कम किया गया है जबकि बजट को बढ़ाये जाने की आवश्यकता थी। उद्यान विभाग के अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत फलों के प्रोत्साहन एवं विकास पर ध्यान नहीं दिया गया है ना ही उनसे संबंधित उद्योगों के लिए बजट में कोई व्यवस्था की गई है। अगर सरकार ऐसा करती तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों को होता और पर्वतीय क्षेत्रों में समृद्धि भी आती और पलायन रोकने में भी मदद मिल सकती थी । बजट में लगातार बंद हो रहे उद्योगों के पुनरुद्धार और नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है ।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में पेश बजट मुख्यमंत्री द्वारा घोषित मिशन 2025 के लक्ष्य को कैसे प्राप्त करेगा यह समझ से परे है। कुल मिलाकर यह बजट उत्तराखंड के जनमानस की आशा और अपेक्षाओं के विपरीत है। डबल इंजन का दावा खोखला साबित हुआ है और जैसी कांग्रेस पार्टी को पहले से आशंका थी वह सच साबित हुई है। डबल इंजन की बात केवल भाषणों तक सीमित है, उसका कोई लाभ प्रदेश को मिलता हुआ अभी तक नजर नहीं आया है, क्योंकि सरकार द्वारा पेश बजट प्रदेश के विकास का खाका खींचने में विफल रहा है। बजट में पटरी से उतरी हुई स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए भी कोई प्रावधान और प्लान नहीं है, ना ही बजट में कोई व्यवस्था है। इससे साफ हो गया है कि प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए ।

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