किसान महाकुंभ:  समापन पर बरसे राकेश टिकैत; बोले,किसानों की अनदेखी कर रही है सरकार

किसान महाकुंभ:  समापन पर बरसे राकेश टिकैत; बोले,किसानों की अनदेखी कर रही है सरकार
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हरिद्वार।   एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ना भुगतान, मुफ्त बिजली और स्मार्ट मीटर व्यवस्था खत्म करने समेत कई मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। नेताओं ने चेतावनी दी कि किसानों के हितों से समझौता हुआ तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का चार दिवसीय महाकुंभ और राष्ट्रीय चिंतन शिविर का समापन प्रशासन को ज्ञापन देने के बाद समाप्त हो गया। किसानों से संबंधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता को सौंपा गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया।
समापन अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को दूर नहीं करना चाहती है। पूरे देश का किसान आर्थिक बोझ के नीचे दबा परेशान है। देश की कृषि व्यवस्था वर्तमान समय में गंभीर संकट से गुजर रही है। भारत अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानो के लिए खतरा है। एमएसपी पर कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद कानून बनाया जाए। गन्ना भुगतान लंबित है जिसके कारण किसानों को परेशानी हो रही है। बार बार कहने के बाद भी सरकार और चीनी मिल भुगतान नहीं कर रही। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 22 जून को अमेरिका से समझौते में किसानों को अनदेखा किया गया तो पूरे देश में आंदोलन होगा। स्मार्ट मीटर व्यवस्था वापस ली जाए। किसानी, मजदूरों एवं ग्रामीण गरीबों के पुनर्वास के बिना भूमि अधिग्रहण बेदखली बुलडोजर कार्यवाही पर रोक लगे। किसानों के पारंपरिक बीज अधिकारों एवं बीज स्वायत्तता की रक्षा हो। प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर किसानों, मजदूरों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही गन्ने का न्यूनतम मूल्य 500 रुपये कुंतज घोषित किया जाए। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजबीर जादोन, कुशलपाल आर्य, बलराम नंबरदार, पवन खटाना, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, सूबा सिंह ढिल्लों, बबली सिंह, रूपाली पाटिल, कविता चौधरी, प्रेम सिंह सोहता, युद्धवीर सिंह, मेनपाल सिंह, युवा मंडल अध्यक्ष पंकज चौधरी, नवीन राठी, आकाश सचदेवा, बाबा पंडत, चमन प्रकाश, गुरमेल सिंह बाजवा, हविंदर सिंह आदि सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

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