शिकंजा: तीन लोगों ने नौकरी के नाम पर कर डाली लाखों ठगी, एक आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

शिकंजा: तीन लोगों ने नौकरी के नाम पर कर डाली लाखों ठगी,  एक आरोपी शिक्षक  गिरफ्तार
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चंपावत। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर एक महिला समेत दो लोगों से 52 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक आरोपित को पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। लोहाघाट कोलीढेक निवासी शिक्षक बलवंत सिंह के साथ विनय भट्ट व मायाराम सोनी उर्फ कविंद्र पर पिछले दो माह में लोहाघाट व चंपावत थाने में दो प्राथमिकी हुई थीं। न्यायालय ने उनके  विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। मामले में दो अन्य आरोपितों विनय भट्ट और मायाराम सोनी की तलाश जारी है।
लोहाघाट निवासी मोहित पांडेय ने सितंबर में लोहाघाट थाने में तहरीर देकर कहा था कि आरोपित बलवंत , विनय भट्ट निवासी देहरादून साईबाबा एनक्लेव व कवींद्र उर्फ मायाराम सोनी निवासी अज्ञात ने सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर 31 लाख रुपये ठगे थे।
बाऐ में संज्ञान में आया कि आरोपियों  ने पीड़ित को 31 लाख रुपये लौटा दिए थे। दूसरे मामले में चंपावत नगर के तल्ली मादली निवासी 35 वर्षीय सरोजनी ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर 22 लाख रुपये ठगने की शिकायत की थी।
पीड़िता के अनुसार आरोपित बलवंत ने नवंबर 2023 में उसके पति से संपर्क कर 25 लाख रुपये में सरकारी नौकरी दिलाने का आफर दिया। पीड़िता ने 22 लाख रुपये दिए। शिक्षक ने उसे देहरादून ले जाकर विनय भट्ट से मिलाया। दोनों ने उसे सचिवालय ले जाकर कवींद्र नाम के व्यक्ति से मिलाया।
खुद को सचिव बताने वाले कवींद्र ने पीड़िता को सात मार्च 2024 को समाज कल्याण विभाग में प्रबंधक पद पर कार्यभार ग्रहण करने को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। बाद में समय बढ़ाकर एक के बाद एक पांच नियुक्ति पत्र दिए। दोनों मामलों में तीनों आरोपितों के विरुद्ध झूठे दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की धाराओं में प्राथमिकी की थी। एसपी अजय गणपति ने बताया आरोपित शिक्षक को टीम ने देहरादून से गिरफ्तार किया है।
आरोपित शिक्षक बलवंत  पर निलंबन की तलवार लटक गई है। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपित शिक्षक की गिरफ्तारी की विधिवत सूचना विभाग को नहीं मिली है। नियमानुसार कोई शिक्षक या कार्मिक 48 घंटे या उससे अधिक समय तक जेल में रहता है, तो इसे निलंबित किए जाने का प्राविधान है।

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