दुश्वारियां: दो कोच की ट्रेन में महिलाओं के लिए महज 20 सीट, अपराधियों का लगा रहता है डर

दुश्वारियां: दो कोच की ट्रेन में महिलाओं के लिए महज 20 सीट, अपराधियों का लगा रहता है डर
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कोटद्वार।  पैसेंजर ट्रेन से कोटद्वार तक का सफर करने वाली महिलाओं को इन दिनों खासी दिक्कत झेलती पड़ रही है। महिलाएं ट्रेन में सफर के दौरान आपराधिक घटनाओं की शिकार भी हो रही है। मंगलवार को मजबूरन ट्रेन के लगेज में सवार हुई एक महिला के पर्स से हजारों रुपये की धनराशि निकाल ली गई।
कोटद्वार से नजीबाबाद के बीच केवल दो कोच की पैसेंजर ट्रेन चलती है। इसमें महिलाओं के लिए केवल 20 सीट ही आरक्षित हैं। उस पर भी अक्सर पुरुष यात्री सवार हो जाते हैं। इन दिनों सिद्धबली मंदिर के दर्शन करने और पहाड़ पर सैरसपाटे के लिए मैदानी क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से कोटद्वार आ रहे हैं। मंगलवार, शनिवार और रविवार को महिलाओं व बच्चों की संख्या पुरुषों से ज्यादा होती है। ट्रेन में भीड़ का आलम यह है कि महिलाओं को ट्रेन में सीट मिलना तो दूर, खड़े होने की भी जगह नहीं मिल पा रही है। महिलाओं को पुरुषों यात्रियों के बीच असहज होकर खड़े-खड़े सफर करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह नजीबाबाद से पैसेंजर ट्रेन कोटद्वार के लिए रवाना होनी थी। सिद्धबली मंदिर और पहाड़ घूमने आने वाले लोगों की प्लेटफार्म पर खासी भीड़ थी और ट्रेन यात्रियों से खचाखच भरी थी। ट्रेन प्लेटफार्म से छूटने पर बगैर कुछ सोचे-समझे एक महिला दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ ट्रेन के लगेज में सवार हो गई। वह कोटद्वार में ट्रेन से उतरी तो उसके पर्स की चेन खुली थी और उसमें रखी हजारों रुपये की धनराशि चोरी हो चुकी थी।
नजीबाबाद निवासी महिला बगैर रिपोर्ट दर्ज कराए रोती-बिलखती स्टेशन से बाहर निकल गई। महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं और उनकी अनदेखी पर कोटद्वार निवासी महिलाओं ने चिंता व्यक्त की। सुनीता रावत, विमला नेगी, इंदु नौटियाल, सुनीता नेगी आदि ने रेल प्रशासन से ट्रेन में कम से कम एक कोच बढ़ाने की मांग की है।

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