तोहफ़ा: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी!7000 की जगह ₹21000 मिलेगा दिवाली बोनस?

तोहफ़ा: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी!7000 की जगह ₹21000 मिलेगा दिवाली बोनस?
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देहरादून। दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बोनस के कैलकुलेशन की मौजूदा 7,000 रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का दिवाली बोनस करीब 14000 रुपये बढ़ सकता है। यानी मौजूदा रकम के मुकाबले करीब तीन गुना फायदा। हालांकि, अभी सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अगर कर्मचारी संगठन की मांग मान ली जाती है, तो इस साल कर्मचारियों का बोनस करीब तीन गुना तक बढ़ सकता है। इससे पात्र केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली पर मिलने वाला बोनस करीब 6,908 रुपये से बढ़कर 20,724 रुपये हो सकता है। हालांकि, अभी यह सिर्फ मांग है और सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
21000 रुपये बोनस कैलकुलेशन की मांग
कर्मचारी नेता कलीम अहमद ने बताया क‍ि नेशनल काउंसिल स्टॉफ साइड ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी यानी NC-JCM ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर बोनस की कैलकुलेशन की लिमिट बढ़ाने की मांग की है। 27 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि जब केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी का स्तर 21,000 रुपये तक माना जा रहा है, तो बोनस की कैलकुलेशन भी कम से कम इसी अमाउंट पर होनी चाहिए। दशहरा जो 20 अक्टूबर 2026 को है। संगठन चाहता है कि इससे पहले सरकार बोनस को लेकर जरूरी आदेश जारी करे। उन्‍होंने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल दिवाली के आसपास एक महीने के बराबर नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) दिया जाता है। इसकी कैलकुलेशन फिलहाल 7,000 रुपये की अधिकतम वेतन लिमिट के आधार पर की जाती है। बोनस निकालने के लिए 30.4 औसत दिनों का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है।
यह बढ़ोतरी तभी लागू होगी जब सरकार NC-JCM की मांग को स्वीकार करके नई बोनस लिमिट का आदेश जारी करे। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों को 20,724 को पक्का बोनस नहीं मानना चाहिए। NC-JCM का कहना है कि मौजूदा बोनस लिमिट आज की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई के मुकाबले काफी कम है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार अलग-अलग केटेगरी के कामगारों के लिए 783 रुपये से 1,035 रुपये प्रतिदिन तक की न्यूनतम मजदूरी तय कर रही है, तो बोनस की कैलकुलेशन सिर्फ 7,000 रुपये की लिमिट पर करना उचित नहीं है।
उन्‍होंने बताया कि कर्मचारी संगठनों की तरफ से 8वें वेतन आयोग के सामने भी बोनस बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया है। ऑल इंडिया न्यू पेंशनल स्कीम इम्पलॉयीज फेडरेशन (AINSPEF) ने अलग कैलकुलेशन के आधार पर करीब 26,941 रुपये बोनस का सुझाव दिया है। लेकिन फिलहाल सबसे बड़ी मांग 21,000 रुपये की बोनस कैलकुलेशन लिमिट करने की है। अगर सरकार मांग को मंजूरी देती है, तो इस दिवाली पात्र केंद्रीय कर्मचारियों की जेब में करीब 20,724 रुपये का बोनस आ सकता है।

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