खतरा: गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्नानघाट जलमग्न, पुलिस ने मुनादी करवा कर चेताया
ऋषिकेश। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान 339.50 मीटर से 50 सेंटीमीटर नीचे तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने पर स्नानघाट डूब गये। जिस पर पुलिस ने लोगों को घाट पर जाने से रोका। बीती बुधवार से गंगा का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर बाद अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। दोपहर करीब दो बजे जलस्तर चेतावनी निशान 339.50 मीटर के करीब पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से ऋषिनगरी के सभी स्नानघाट जलमग्न हो गये। जिस पर पुलिस ने गंगातट पर मुनादी करवाने के साथ लोगों को घाट पर स्नान करने से रोका। इन दिनों गंगा का पानी गदला होने के साथ उसमें टूटे पेड़ भी बहकर आ रहे है,साथ ही गंगा का बहाव भी तेज हो गया है। जिसके चलते सुरक्षित घाटों पर स्नान करना जोखिम भरा हो सकता है। एसडीएम योगेश माहरा ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में बारिश से गंगा का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। जिस पर प्रशासन लोगों को सतर्क कर रहा है। बाढ़ चौकयों को किया अलर्ट प्रशासन ने मौसम विभाग के भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनगर बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट कर दिया है। लगातार जलस्तर बढने की जानकारी ली जा रही है। तटीय इलाके में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है। गुरुवार को को प्रशासन ने तटीय इलाके में मुनादी कर लोगों को अलर्ट किया। ऐसे लोगों के लिये घर्मशालाओ एवं आश्रमों में व्यवस्था की जा रही है। एसडीएम योगेश माहरा का कहना है कि तट पर बसे लोगों को सतर्क किया जा रहा है। राफ्टिंग बंद होने से पर्यटक निराश गुरुवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक ऋषिकेश पहुंचे। लेकिन राफ्टिंग बंद होने से उन्हें निराश होना पड़ा। पर्यटकों ने बंजी जंपिंग और बीच कैंप में आनंद उठाया। गुरुवार को भी क्षेत्र के होटल,कैंप पर्यटकों से पैक रहे। शिवपुरी और मोहनचट्टी क्षेत्र के बीच कैंपों में पर्यटक बड़ी संख्या में ठहरे है। माह के आखिर वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के ऋषिकेश आने की उम्मीद है। 30 जून के बाद पर्यटकों की संख्या तेजी से घटने लगेगी।

