कांग्रेस: जंतर-मंतर कार्रवाई पर बोला केंद्र पर हमला, शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर उठाए सवाल
नई दिल्ली(आरएनएस)। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक अधिकार के बजाय कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानकर दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। उनका आरोप है कि हालिया घटनाक्रम से यह संदेश जा रहा है कि असहमति की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
खेड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और हालिया कार्रवाई सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
21वें दिन बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। शनिवार तड़के उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि यह कदम चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है तथा फिलहाल उनकी चिकित्सकीय निगरानी जारी है।
अभिजीत दीपके ने लगाए मारपीट के आरोप
आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ समय के लिए हिरासत में रखा। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एनईटी विवाद को लेकर जारी है आंदोलन
यह आंदोलन सीजेपी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। आंदोलनकारी एनईटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की कथित मौतों के मामलों की निष्पक्ष जांच तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक और एआईएसए के तीन कार्यकर्ता 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है

