एवलांच: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन महरा ने सरकार पर साधा निशाना, लापरवाही का लगाया आरोप
बचाव कर्मियों की सराहना की और मृतकों व घायलों के प्रति जताई संवेदना
देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जनपद चमोली के माणा में ग्लेशियर खिसकने से जिस तरीके से लगभग 55 मजदूरों एवं कर्मचारियों की जान जोखिम में डाली गई वह भयावह व चिन्ताजन घटना है। इस घटना में चार लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यन्त दुखदाई एवं पीड़ाजनक है। मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए माहरा ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। माहरा ने कहा कि घायलों के उपचार के लिए निशुल्क उचित व्यवस्थायें की जायें और सरकार मृतकों को तत्काल उचित मुआवजा देने की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में संघर्षपूर्ण तरीके से बचे मजदूरों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थतियों वाला राज्य है और दुर्गम क्षेत्रों में ग्लेशियर खिसकने व भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। इस बार तो मौसम विभाग पूर्व में ही चेतावनी जारी कर चुका था, उसके बावजूद वहां पर सावधानी क्यों नहीं बरती गई? यह बड़ा सवाल है और मौसम बिगड़ने के बावजूद भी वहां पर काम क्यों नहीं रोका गया? इसका सीधा मतलब है कि बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है। माहरा ने कहा कि सरकार ने पूर्व में चमोली जिले के रैणी की घटना से भी कोई सबक नहीं सीखा।
बचाव व राहत कार्य में लगे हुए फोर्स के अधिकारियों एवं जवानों की प्रशंसा करते हुए महरा ने कहा कि उन्होंने रातदिन एक कर मजदूरों को सकुशल ग्लेशियर से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को हिमालयी आपदा प्रबंधन पर व्यापक नीति बनाने की आवश्यकता है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं से निपटने एवं रोकने के लिए व्यापक कार्य योजना बनाई जा सके। क्योंकि इस प्रकार की संवेदनशील घटनायें लगतार बढ़ रही हैं। उनसे हमें सबक लेकर सीखने की आवश्यकता है।

