आवाज़: हाईवे चौड़ीकरण के विकल्प लेकर डीएम से मिले ग्रामीण, आबादी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण का विरोध
कोटद्वार(आरएनएस)। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे चौड़ीकरण से ग्राम सभा भदालीखाल के ग्रामीण काफी त्रस्त हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का तर्क है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हाईवे चौड़ीकरण के लिए बंजर भूमि को छोड़कर आबादी क्षेत्र में मकानों को तोड़ रही है। ग्रामीणों ने डीएम को हाईवे चौड़ीकरण से जुड़े विकल्पों से अवगत कराते हुए आबादी क्षेत्र को चौड़ीकरण के दायरे से बाहर रखने की गुहार लगाई है। ग्राम सभा भदालीखाल निवासी किरन कुमार, नत्थीराम, राजेंद्र कुमार, माला देवी, मंजु देवी, अशोक कुमार आदि ग्रामीणों के कच्चे-पक्के मार्ग हाईवे से सटे हैं। डीएम से मिलकर ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा से 75 प्रतिशत से अधिक पलायन हो चुका है। हाईवे चौड़ीकरण के लिए जिन मकानों को चिह्नित किया गया है उनके सामने भी क्षेत्र से पलायन कर जाने का ही विकल्प बचेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि इन मकानों को बचाने के लिए राजमार्ग के दूसरे छोर पर बंजर भूमि उपयोग में लाई जा सकती है। आरोप है कि सर्वे के समय ग्रामीणों को विश्वास में नहीं लिया गया था। वर्षों पहले किए गए मूल्यांकन के हिसाब से मुआवजा देने की बात कही जा रही है। मामले में भूमिहीन एवं अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इतना ही नहीं सहमत नहीं होने के बावजूद शपथपत्र प्रस्तुत करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हाईवे चौड़ीकरण के बाद प्रभावित परिवारों के भी पलायन कर जाने की बात कहते हुए गांव को बसे रहने देने के लिए बंजर भूमि का उपयोग करने की मार्मिक अपील की गई।

