आवाज़: मालन नदी के वैकल्पिक मार्ग को स्थायी बनाया जाए, यूकेडी ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कोटद्वार(आरएनएस)। भाबर क्षेत्र के तल्ला मोटाढाक में मालन नदी पर बना वैकल्पिक मार्ग खतरे में है। नदी के लगातार कटान और अवैध खनन से इसके बहने का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इसकी सुरक्षा और स्थायी मार्ग बनाने की मांग की है।यूकेडी कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद सनवाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 की आपदा में मालन नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। यह पुल कोटद्वार-लालढांग-हरिद्वार मोटर मार्ग पर मोटाढाक में स्थित था। पुल टूटने से भाबर क्षेत्र का सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने एक वैकल्पिक मार्ग बनाया। यह मार्ग तल्ला मोटाढाक से हल्दूखाता की ओर जाने वाली कंडी रोड पर है। इसे ह्यूम पाइप डालकर लगभग 300 मीटर लंबा तैयार किया गया था। इस पर करीब 1.70 करोड़ रुपये की लागत आई थी। यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आवाजाही का साधन बन गया था।वर्तमान में इस वैकल्पिक मार्ग के दोनों ओर नदी का कटान जारी है। अवैध खनन भी लगातार हो रहा है, जिससे मार्ग के बहने का खतरा बढ़ गया है। यूकेडी नेताओं ने चेतावनी दी कि समय पर सुरक्षा कार्य न होने पर भारी नुकसान हो सकता है। इससे सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचेगी और क्षेत्र की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित होगी। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।यूकेडी कार्यकर्ताओं ने शासन प्रशासन से तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की है। उन्होंने इस वैकल्पिक मार्ग को स्थायी मार्ग में बदलने की भी अपील की है। कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि इस मार्ग पर रपटे का निर्माण किया जा सकता है। रपटे बनने से भारी वाहनों की आवाजाही भी सुचारु रूप से हो सकेगी। यूकेडी ने कहा कि यह कदम क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

