आवाज़: आपदा पीड़ितों को राहत दिये जाने की मांग को लेकर सीपीएम का तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन
एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
डोईवाला। बेहताशा बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी एवं आपदा से प्रभावितों को राहत देने आदि की मांग को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने डोईवाला तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि पूरे देश की भांति उत्तराखण्ड प्रदेश में भी खाद्य पदार्थों सहित सभी वस्तुओं के दाम चरम सीमा पर हैं। पढ़ा लिखा नौजवान बेरोजगारी के चलते सड़कों पर घूम रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार को कोई सुध नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ग़रीबी को दूर करने, बढ़ती मंहगाई को कम करने और बेरोजगार युवकों को रोजगार देने के नाम पर चुनाव में वोट लेकर सत्ता में पहुंची, लेकिन ग़रीबी तो दूर गरीबों को ही हटाना शुरू कर दिया और अतिक्रमण के नाम पर उनके घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर करने पर तुली है।
पार्टी के जिला सचिव मंडल के सदस्य कृष्ण गुनियाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि ज़ब से वर्तमान सरकार सत्ता में आयी, प्रदेश में अलग तरह की राजनीति शुरू हो गयी। कभी लैंड जिहाद के नाम से, कभी लव जिहाद तो कभी धार्मिक भेदभाव के नाम पर प्रदेश में नफ़रत का माहौल बना दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में पुरोला से लेकर विकासनगर, सभावाला और रामपुर जैसी घटनाएं हुईं, जो बेहद दुर्भाग्य पूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विकास नफ़रत से नहीं जनता की समस्याओं के समाधान से होगा। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
माकपा जिला कमेटी सदस्य याक़ूब अली ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश में भारी वर्षा के कारण आयी आपदा से काफ़ी लोग प्रभावित हुए हैं, जिसमें काफ़ी मकानों के अलावा भूमि कटाव से जमीनें भी बह गयीं। आज उनको राहत की बहुत आवश्यकता है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनकी हर सम्भव मदद की जाये तथा भूमि कटाव को रोकने के लिये सोंग, सुसवा एवं जाखन नदी पर जहाँ भूमि कटाव हुआ है वहाँ अबिलम्ब पुस्ते लगाए जायें। उन्होंने कहा कि सरकारी अथवा ग्राम समाज की भूमि पर रहने वाले लोगों को नियमित कर सरकार उनको मालिकाना हक दे तथा अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को उजाड़ना बंद करे।
प्रदर्शनकारियों क़ो सम्बोधित करते हुए ज़ाहिद अंजुम और प्रेम सिंह ने कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत मजदूरों के लिए कम से कम 200 दिन का रोजगार मुहैया कराते हुए सरकार को उन मजदूरों की मजदूरी कम से कम 600/=₹ प्रति दिन करनी चाहिए ताकि काम करने वाले मजदूरों को बढ़ती मंहगाई का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शनकारियों को मुहम्मद इकराम, ज्योति गुरुंग, रानी देवी, जगिरी राम ने भी सम्बोधित किया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से सत्य प्रकाश, साधु राम, सर्वेश, बसंती देवी, दरसो देवी,जगिरी लाल, शहाबुद्दीन व दिनेश क्षेत्री सहित कई लोग उपस्थित रहे।

