राजनीति: सीपीआई(एम)का सातवां सम्मेलन 24 दिसंबर से, तैयारियों में जुटे कार्यकर्ता
राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी करेंगे 3 दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन
संवाददाता
देहरादून, 22 दिसंबर।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्स वादी )की उत्तराखण्ड इकाई का 7 वां राज्य सम्मेलन आगामी 24 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। देहरादून में आयोजित होने वाले सम्मेलन की तैयारी हेतु कामरेड सुरेन्द्र सिंह सजवाण की अध्यक्षता में यहाँ गांधीग्राम समर्थित पार्टी के राज्य कार्यालय, सभागार में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में बताया गया कि 24 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलने वाले सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी करेंगे। सम्मेलन में पोलिट ब्यूरो सदस्य कामरेड तपनसेन तथा केन्द्रीय कमेटी सदस्य कामरेड बीजू कृष्णन अपने विचार रखेंगे ।सम्मेलन में पूरे राज्य से 150 से भी अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में राज्य की राजनैतिक की पार्टी की सांगठनिक स्थिति पर चर्चा होगी तथा भविष्य के लिए संघर्ष का निर्णय लिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 24 दिसम्बर को पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रीय महासचिव कामरेड येचुरी द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल ,सुभाषचंद्र बोस तथा बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद पार्टी का जलूस दर्शनलाल चौक ,तहसील चौक, ईनाममुल्ला बिल्डिंग होते हुए प्रिन्स चौक से ठीक 1बजे जैन धर्मशाला पहुंचेगा। जहाँ भोजन के बाद महासचिव खुले सत्र का उद्घाटन करेंगे। इस सत्र में वामपंथी दलों के नेतागण अपनी शुभकामनाएं देंगे। सम्मेलन में कम्युनिस्ट आन्दोलन के पुराने साथियों को सम्मानित किया जाएगा। शहीदों व दिवगंत के सम्मान में दो मिनट के मौन के बाद राज्य सचिव द्वारा पार्टी की राजनैतिक व सांगठनिक कार्य रिपोर्ट के साथ ही भविष्य के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की जाएगी जिस पर डैलीगेट्स दो दिन चर्चा करेंगे। अनेक मुद्दों पर प्रस्ताव भी पेश होंगे। अन्त में 26 दिसम्बर को नई राज्य कमेटी का गठन किया जाएगा ।सम्मेलन की तैयारी के लिए पिछले एक माह से भी अधिक समय से पार्टी कार्यकर्ता एकजुटता के साथ प्रचार प्रसार कर रहे हैं तथा बैठकों का आयोजन कर रहे हैं ।
बैठक में राज्य सचिव कामरेड राजेन्द्रसिंह नेगी , जिलासचिव राजेन्द्र पुरोहित ,देहरादून सचिव अनन्त आकाश, राज्य कमेटी लेखराज ,नितिन मलेठा , हिमांशु चौहान ,भगवन्त पयाल ,नुरैशा अंसारी ,सुधा देवली ,अमर बहादुर शाही ,जानकी चौहान ,रजनी गुलेरिया ,मामचंद ,रविन्द्र नौडियाल ,चन्दन ,सत्यम ,आदि ने विचार रखे ।

