दहशत: वन विभाग के लिए चुनौती बने गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों सक्रिय भालू, पशुपालकों की बढ़ीं मुश्किलें
पौड़ी। थलीसैंण के राठ क्षेत्र में भालू का आतंक बरकरार है। पिछले तीन महीने से राठ क्षेत्र में भालू ने पशुपालाकों को बड़ा नुकसान किया है। भालू ने बनाणी गांव में शुक्रवार को सुबह ही एक और मवेशी को मार दिया। इससे प्रभावित गांवों में भालू की खोज में जुटी वन विभाग टीम की भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। एक के बाद हमलों में भालू अब तक करीब 40 मवेशियों को निवाला बना दिया है। सक्रिय भालू के पकड़े नहीं जाने के बाद वन विभाग अब तक दो बार ट्रैक्यूलाइज और मारने की परिमशन ले चुका है। गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बनाणी में भालू के हमले की पुष्टि की। बताया कि टीम भालू की खोजबीन में जुटी है। हालांकि भालू की कोई गतिविधि अभी तक दिखाई नहीं दी। जिस गांव में टीम गश्त कर रही है भालू उसे छोड़ दूसरे गांव में हमलावर हो रहा है।
पलवरा गांव में भालू ने गाय को मार डाला
इस बीच चमोली जिले में देवाल विकासखंड के पलवरा गांव के पास भालू ने गाय पर हमला कर मार गिराया है। ग्राणीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी हैं। ग्राीमणों ने वन विभाग से मुआवजे की माग की हैं। ग्राम प्रधान कुवर राम ने कहा कि गत साय पलवरा गांव निवासी विमला देवी पत्नी मेहरवान राम अपनी गाय व अन्य जानवरों को चुगान से वापस घर आ रहे थे। तभी जमदयों नामक स्थान पर झाड़ी में छुपे भालू ने गाय पर हमला कर दिया और मौके पर ही गाय की मौत हो गई है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी ने कहा कि वन विभाग की टीम मौके पर जा कर जांचच के लिए गई है। पशुपालक को मुआवजे के लिए कार्रवाई की जा रही हैं।

