अतिवृष्टि : भारी बारिश के चलते होने लगा भूस्खलन, लोगों में दहशत का माहौल
उत्तरकाशी। बड़कोट नगर पालिका के वार्ड नम्बर सात में भारी बारिश के कारण फिर भूस्खलन सक्रिय हो गया है। यहां सरुखेत, बैकरी के निकट, तिलाड़ी रोड सहित जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत करीब आधा दर्जन मकानों को खाली करा दिया है। बड़कोट नगर पालिका का वार्ड सात वर्ष 2010 तथा 2013 में हुए भूस्खलन के कारण संवेदनशील घोषित किया गया था तब तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वार्ड के लोगों को विस्थापित करने की बात कही थी। इन दिनों लागातार हो रही बारिश से बड़कोट के वार्ड सात में फिर भूस्खलन सक्रिय हो गया है तथा यहां जगह-जगह हो रहे भूस्खलन से लोग दहशत में हैं। सोमवार को बड़कोट एसडीएम बृजेश तिवारी ने भूस्खलन क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा भूस्खलन की जद में आये लोगों के मकान खाली करा दिए हैं। वार्ड के भूस्खलन प्रभावित सरुखेत निवासी महेश नौटियाल, कल्याण सिंह, पवन रावत, कर्म सिंह, सोबन सिंह, मीना पंवार आदि के भवनों को भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। कल्याण सिंह के मकान पर किराए में रह रहे ममित ने बताया कि देर रात भारी बारिश के दौरान मकान के नीचे सरसराहट की आवाजें आने लगीं और अचानक मकान की बुनियाद में दरारें पड़ गईं। किसी तरह भयभीत होकर घर खाली करना पड़ा। यही हाल सरुखेत के अन्य भवनों का भी है, जहां बुनियाद के नीचे से पानी की धाराएं बहने लगी हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम बृजेश तिवारी ने बताया कि ऐहतियातन अधिक प्रभावित घरों को खाली कराया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होते ही सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे।
बारिश से मकान टूटा, जान बचाकर भागा परिवार
उधर , बड़कोट तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा धारी पल्ली में रविवार रात को तेज बारिश के कारण एक आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के अंदर दो लोग रह रहे थे, जिन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इससे बड़ा हादसा टल गया। रविवार रात को धारी कफनौल क्षेत्र में भारी बारिश हुई। इससे देर रात को धारी पल्ली में शशि मोहन का दो मंजिला आवासीय भवन अचानक भर भराकर गिर गया। हादसे के समय शशि मोहन और उनकी माता पिंगला देवी घर के अंदर सो रहे थे। गनीमत रही कि दोनों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली। हादसे से परिवार का आशियाना पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है। पीड़ित परिवार ने गांव में शरण ली है और शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इधर, एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर भेजने और तत्काल राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ नियमानुसार सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
