अतिवृष्टि: संकट में पड़े टैक्सी संचालक, कर्ज लेकर भर रहे गाड़ियों की बैंक किस्तें और टैक्स

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के रंवाई घाटी टैक्सी यूनियन से जुड़े वाहन मालिक जनपद में आई भीषण आपदा के चलते आजकल अपने वाहनों का टैक्स और बैंकों से फाइनेंस की गई गाड़ियों की किस्तें लोगों से कर्ज लेकर अदा कर रहे हैं, जिससे विभिन्न टैक्सी यूनियन से जुड़े लोग खासे परेशान हैं। उत्तरकाशी जनपद में पिछले दिनों धराली में आई भीषण आपदा सहित अन्य जगहों पर भारी बरसात से जनपद के विश्व प्रसिद्ध यमनोत्री और गंगोत्री धाम भी खासे प्रभावित हुए हैं। जहां रवांई घाटी की स्थानीय टैक्सी यूनियन की गाड़ियां भी प्रमुख रूप से लगातार यात्रा सीजन में यमनोत्री, गंगोत्री सहित बद्री, केदार की यात्रा पर व्यस्त रहते थे, जो कि यात्रा के बाधित होने पर पिछले कई दिनों से खाली पड़े हैं। कमलेश्वर महादेव टैक्सी यूनियन पुरोला के अध्यक्ष व प्रदेश मीडिया प्रभारी यशवंत पंवार ने चिंता व्यक्त कर अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि उनकी यूनियन में 135 टैक्सियां जुड़ी हैं जिनमें से लगभग 50 से अधिक टैक्सियां चारधाम यात्रा पर लगी रहती हैं और प्रति माह चार राउंड में लगभग 1.5 लाख रुपये की कमाई होती है। इससे बैंकों की किस्तें व अन्य सरकारी टैक्स सहित अपने परिवार की रोजी रोटी चलती है, लेकिन जनपद में लगातार आ रही आपदाओं से यात्रा बाधित हो गयी है टैक्सियां खड़ी हैं। स्थानीय स्तर पर संचालन में दो सप्ताह में एक टैक्सी की बारी आ रही है, जिसके चलते सभी टैक्सी यूनियन से जुड़े लोग रोजी रोटी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपने रिश्तेदारों व परिचित लोगों से कर्ज लेकर बैंक किस्तें व टैक्स जमा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से उत्तरकाशी जनपद में सरकार से टैक्सी संचालकों को टैक्स में छूट देने के लिए गुहार लगाई जा रही है। अगर स्थिति ऐसे ही रही तो टैक्सी चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

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