ब्रेकिंग न्यूज: हाईकोर्ट ने नैनीताल पुलिस को दिए गायब सदस्यों को ढूंढने के आदेश
नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में चल रहे बवाल के बीच कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुँच गई। कांग्रेस ने भाजपा पर अपने सदस्यों के अपहरण का आरोप लगाया है, जिसके बाद कोर्ट ने नैनीताल पुलिस को गायब सदस्यों को ढूंढकर मतदान केंद्र तक लाने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियाँ एक-दूसरे पर गुंडागर्दी का आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने संजीव आर्य के साथ मारपीट और अपने साथ धक्का-मुक्की होने का दावा किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके पाँच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद कांग्रेस इस मामले को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट पहुँची।
दूसरी ओर, भाजपा ने भी कांग्रेस पर चार जिला पंचायत सदस्यों को गायब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मोर्चा संभाला।
हाईकोर्ट की सुनवाई और आदेश
उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसएसपी, जिलाधिकारी और एएसपी से बात की और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से मतदान कराने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने पुलिस से उन पाँच सदस्यों को ढूंढकर मतदान केंद्र तक लाने को कहा, जिनके अपहरण का आरोप कांग्रेस ने लगाया था। इसके साथ ही, कोर्ट ने मतदान का समय बढ़ाने का भी आदेश दिया। दस सदस्यों को कोर्ट ने पुलिस सुरक्षा में मतदान स्थल तक पहुँचाया। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी और एसएसपी से शाम साढ़े चार बजे तक इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

