न्याय: बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 6 साल की कठोर कारावास की सजा

न्याय: बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 6 साल की कठोर कारावास की सजा
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पौड़ी। जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने चार साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को पोक्सो के तहत 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को नाबालिग बच्ची के अपहरण, मारपीट, दुष्कर्म व पोक्सो की धाराओ में दोषी पाया। अदालत ने दोषी पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक पौड़ी विजेंद्र ‌सिंह रावत ने बताया कि जिले के लैंसडौन क्षेत्र में एक चार साल की नाबालिग बच्ची 18 जनवरी 2020 को अपनी बुआ के शादी समारोह में परिजनों के साथ गई थी। विवाह समारोह में उपहार वितरण के दौरान परिजनों को जब नाबालिग बच्ची नहीं मिली, तो उन्होंने उसे जगह-जगह खोजा। लेकिन परिजनों को वह नहीं मिली। शादी समारोह में शामिल सभी लोगों के खोजने पर नाबालिग बच्ची को बहुत देर बाद पास के जंगल में आरोपी के कब्जे में पाया गया। इस पर वहां मौजूद सभी लोगों ने आरोपी को पकड़कर उसे पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी सिकंद कुमार त्यागी की अदालत ने चार साल की नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी मोनू उर्फ चीना को अदालत ने अपहरण, मारपीट, दुष्कर्म व पोक्सो में दोषी पाते हुए पोक्सो में 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी को मारपीट में 1 वर्ष, अपरहण व दुष्कर्म में पांच-पांच वर्ष की सजा हुई है। उन्होंने बताया कि दोषी पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए।

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