हालात: मार्ग की बदहाली पर सरकारी बेरुखी से नाराज़ हैं ग्रामीण

हालात: मार्ग की बदहाली पर सरकारी बेरुखी से नाराज़ हैं ग्रामीण
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प्रतीकात्मक फोटो

विकासनगर। उत्तराखंड में अब तक के लगभग हर चुनावी दौर में विकास जैसे मुद्दों पर बड़ी बड़ी बातें सुनाई देती हैं। लेकिन राज्य गठन के 22 सालों में भी प्रदेश की जनता अच्छी सड़कों के लिए तरस रही है। श्री सड़कों के निर्माण की बात को छोड़ भी दें, पुरानी सड़कों का रख-रखाव भी यहां सरकार की अनिवार्यता में नहीं होता। सरकार की उपेक्षा का शिकार ऐसा ही एक मार्ग है चकराता-मसूरी मार्ग से साहिया तक जाने वाला मागटी-समाल्टा संपर्क मार्ग। जर्जर हाल होने के कारण यहां हर रोज ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। जौनसार के करीब बीस गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के अधिकांश हिस्से पर डामरीकरण नहीं किया गया है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हुए हैं, जिनसे हर बार दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

चकराता- मसूरी मार्ग पर मागटी गांव से सहिया तक मागटी- समाल्टा संपर्क मार्ग बनाया गया है। लेकिन कई वर्षों से मार्ग का डामरीकरण न होने के कारण यह मार्ग अत्यंत खराब स्थिति में पहुंच चुका है। मार्ग पर डामर उखड़ जाने से गड्ढे बने हुए हैं। मार्ग पर कई जगह बजरी भी उखड़ रही है, जिससे कई बार दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। मार्ग किनारे कई जगह बरसात में आया मलबा भी पड़ा हुआ है। जिससे मार्ग भी संकरा हो गया है। वर्तमान में समाल्टा गांव में चालदा महाराज एक वर्ष के लिए विराजमान हैं। जिसके चलते आजकल इस मार्ग से होकर रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु महाराज के दर्शन करने के लिए भी आ रहे हैं। साथ ही मार्ग से इछला, पंचरा, भंजरा, साहिया, मागटी भी जुड़ते हैं। स्थानीय अमर सिंह, गंभीर सिंह, भाव सिंह, अर्जुन सिंह, कुंवर सिंह, सतपाल, पंकज, राकेश, मेहर सिंह, नैन सिंह ने जल्द मार्ग सुधारीकरण की मांग लोक निर्माण विभाग से की है। लंबे समय से सुनवाई न होने से निराश जनता अब मार्च में गठित होने जा रही प्रदेश की नयी सरकार की राह तकने को विवश है।

 

 

 

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