आध्यात्म: मातृशक्ति दिवस के रूप में मनाई गई माताश्री राजेश्वरी देवी की पावन जयंती

आध्यात्म: मातृशक्ति दिवस के रूप में मनाई गई माताश्री राजेश्वरी देवी की पावन जयंती
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आध्यात्म ज्ञान से ही समाज में शांति एवं सद्भाव संभव-माताश्री मंगला जी

बी.के.त्यागी
नई दिल्ली।‌ विश्व की महान आध्यात्मिक विभूति माताश्री राजेश्वरी देवी की पावन जयंती हंसलोक आश्रम, दिल्ली में मातृशक्ति दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर परमपूज्य श्री भोले जी महाराज एवं माताश्री मंगला जी के सानिध्य में हंस ज्योति-ए यूनिट आफ हंस कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय जनकल्याण समारोह बड़ी ही श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ।

समारोह में आध्यात्मिक विभूति माताश्री मंगला जी ने देश-विदेश से आये हजारों श्रद्धालु-भक्तों एवं संत-महात्माओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जयंती केवल उन्हीं महापुरुषों की मनाई जाती है जिन्होंने अध्यात्म ज्ञान और मानव सेवा के द्वारा समाज में बदलाव लाने का काम किया। उन्होंने भक्तों का आहवान किया कि वे देश के सभी राज्यों में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार करें। आध्यात्म ज्ञान से ही समाज में शांति और सदभाव सम्भव है।

माताश्री मंगला जी ने कहा कि भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण, भगवान बुद्ध, गुरु नानक, महावीर स्वामी, योगीराज श्री हंस जी महाराज और माता श्री राजेश्वरी देवी आदि हमारे सभी संत-महापुरुष आध्यात्मिक थे इसलिए आज भी पूरी दुनिया में उनकी पूजा होती है। उन सभी ने अपने-अपने समय के लोगों को अध्यात्म ज्ञान का बोध कराकर उन्हें सत्य, धर्म, न्याय, परोपकार तथा जनकल्याण के मार्ग पर लगाया।

माताश्री मंगला जी ने बताया कि योगीराज श्री हंस जी महाराज और माताश्री राजेश्वरी देवी के नाम पर आज श्री भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में द हंस फाउंडेशन द्वारा देश के अनेक राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, शुद्ध पेयजल, पर्यावरण शुद्धि, आरगैनिक खेती तथा हंस गौशालाओं का संचालन आदि अनेक जनकल्याण के कार्य किये जा रहे हैं। माताश्री मंगला जी ने सभी भक्तों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अवतरण दिवस रामनवमी तथा चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं प्रदान कीं।

समारोह में कई आत्मानुभवी संत-महात्माओं ने भी सत्संग विचार रखे तथा माताश्री राजेश्वरी देवी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। भजन गायकों ने भक्तिभाव के भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह मे संस्था के अनुभवी डाक्टरों के मार्गदर्शन में 4 अप्रैल से 7 अप्रैल तक निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन‌ किया गया जिसमें हजारों लोगों ने डाक्टरी परामर्श और दवाइयां लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। संस्था द्वारा श्रद्धालु-भक्तों के लिए विशाल भंडारा भी लगाया गया।

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