धोखाधड़ी: नौकरी दिलाने के नाम पर ठग लिए लाखों रुपए, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज
देहरादून। नौकरी दिलाने के नाम पर 48 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चन्दर नगर निवासी राकेश कुमार मिश्रा ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी एक कम्पनी है। जिसका नाम एपेक्स जॉब सोल्यूशन है जो कि इडंस्ट्रीयल कर्मचारी नियोजन का कार्य करती है। इंडस्ट्रीज के द्वारा मांग करने पर कर्मचारी उपलब्ध कराये जाते हैं, जो कि उसके निवास स्थान से संचालित होती है। उसके पूर्व से परिचित दीपक राणा व लवकुश तिवारी द्वारा उसको बताया गया कि एक निजी कम्पनी है जिसको कि 150 कर्मचारियों की आवश्यकता है। वह उस कम्पनी से उसकी बात कराते हैं। इसके लिये वह तैयार हो गया। कुछ समय बाद लवकुश तिवारी व दीपक राणा श्रीमती सुषमा शर्मा व उसके दो अन्य साथी को लेकर उसके कार्यालय चन्दरनगर देहरादून आये व अपनी कम्पनी जो गुरूग्राम हरियाणा में स्थित है जिसका स्वामित्व व संचालन श्रीमती सुषमा शर्मा पत्नी महेन्द्र कुमार के पास है। वही उसको संचालित करती है । बताया कि उसकी कम्पनी से उन्हें 150 कर्मचारियों की आवश्यकता है व उसकी कम्पनी में पहले से 94 वर्कर कार्यरत हैं। उनके पिछले महीने का वेतन बाकी है जिसका भुगतान उसको पहले करना पड़ेगा। उसका बिल वह उनको बनाकर देंगे। उसका पीडीसी चेक वह उसकोे दे देंगे। उसके बाद वह उसकी कम्पनी के 150 कर्मचारियों को नियुक्त कर लेंगे। उसने उन लोगों पर विश्वास करते हुए उनकी शर्ताें के साथ उसके कार्यालय चन्दरनगर में श्रीमती सुषमा शर्मा व उसके साथ आये दो अन्य साथियों के द्वारा दोनों कम्पनियों के बीच एक अनुबन्ध किया गया। अनुबन्ध की शर्ताें के अनुसार, उसकी कम्पनी द्वारा उनकी कम्पनी में पूर्व से कार्यरत 94 वर्करो की सैलरी 39 लाख 25 हजार 705 रुपये एनएएफटी के माध्यम से एक्सिस बैंक देहरादून के माध्यम से ट्रांसफर किये गये। अनुबंध की शर्ताें के अनुसार उनकी कम्पनी के द्वारा कुल 48 लाख 27 हजार 046 रुपये उसकी कम्पनी को वापस देने थे। श्रीमती सुषमा शर्मा की कम्पनी द्वारा उनकी कम्पनी को पीडीसी चेक दिया गया और बोला गया कि 20 फरवरी 24 को चेक बैंक में लगा देना जब उसके द्वारा बैंक में चेक लगाया गया तो पता चला कि कम्पनी ने जिस खाते का चेक दिया है, वह पहले से ही फ्रीज है। उसके द्वारा जब इसकी जानकारी ली गयी तो पता चला कि उक्त खाता न्यायालय गुरूग्राम द्वारा फ्रीज किया गया है जिस कारण चेकों का भुगतान नहीं हो पाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

