कांग्रेस: उत्तराखंंड में दहाड़े राहुल गांधी, पीएम मोदी पर बोले सियासी हमले

कांग्रेस: उत्तराखंंड में दहाड़े राहुल गांधी, पीएम मोदी पर बोले सियासी हमले
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किसानों और मजदूरों को पार्टी के पक्ष में की साधने की कोशिश

 

रुद्रपुर। सांसद एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने उधमसिंहनगर जनपद के किच्छा से प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमले बोले। कांग्रेस नेता एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं हैं, वह राजा हैं। राजा किसी की बात नहीं सुनता। प्रधानमंत्री ही लोगों की बात सुनता है। किसान सम्मान रैली को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने किसान आंदोलन के बहाने पीएम नरेंद्र मोदी पर देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवालों के गोले दागे।

राहुल गांधी ने किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए ये बताने का प्रयास किया कि कांग्रेस की सरकार ही विकास को गति दे सकती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले देश के सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा – ‘बधाई इस बात की है कि आप इन तीन कानूनों के खिलाफ पत्थर जैसे, पहाड़ जैसे अडिग खड़े रहे। आपने कोई समझौता नहीं किया। एक कदम पीछे नहीं हटे और हिंदुस्तान की सरकार को सच्चाई दिखाई। ये आपका इतिहास है। आप देश को सिर्फ भोजन नहीं देते हो, आप देश को रास्ता भी दिखाते हो। सालों से आप देश को रास्ता दिखा रहे हो। अंग्रेजों से लड़ाई बड़े बड़े उद्योगपतियों ने नहीं लड़ी, किसानों और मजदूरों ने लड़ी। इसके बाद हरित क्रांति आई। कांग्रेस किसानों के साथ पार्टनरशिप बनाकर हरित क्रांति लाई। खून पसीना किसानों का लगा। आपने देश की सरकार को बताया कि हिंदुस्तान की सच्चाई से हम नहीं हटने वाले हैं। आप हमें न खरीद सकते हो, ना डरा सकते हो। इस सरकार को ये समझाना बहुत जरूरी था और है। पार्लियामेंट में अपने भाषण में मैने कहा कि दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अमीरों का हिंदुस्तान, प्राइवेट हवाई जहाज, सेवन स्टार होटल, अमीर लोगों का हिंदुस्तान, उसमें कानून से भी कोई लेना देना नहीं। कुछ भी कर दो। चुने लोगों का हिंदुस्तान। हिंदुस्तान में सौ लोगों के पास हिंदुस्तान के 40 प्रतिशत लोगों से ज्यादा धन है। ऐसी इंकम डिस्पेरिटी किसी और देश में नहीं है। दूसरा हिंदुस्तान, गरीब, किसान, मजदूरों का है। उसमें आपको रोजगार नहीं मिलेगा। आपकी जमीन छीनी जाएगी। पेट्रोल के दाम बढ़ते जाएंगे। महंगाई बढ़ती जाएगी। दो हिंदुस्तान हम नहीं चाहते। हम एक हिंदुस्तान चाहते हैं। न्याय हिंदुस्तान में होना चाहिए।उन्होंने कहा कि हम किसानों के साथ खड़े रहे क्योंकि उनके साथ अन्याय हुआ। मनमोहन सिंह के समय गोल्डन पीरिएड इसलिए था कि उस समय किसानों और सरकार के बीच बातचीत थी। सरकार के सारे दरवाजे खुले थे। कभी सहमति व असहमति होती थी।’

राहुल गांधी ने कहा- ‘प्रधानमंत्री के दरवाजे किसान, मजदूरों के लिए खुले होते हैं। वो सुनता है। कभी कभी कह सकता है कि मैं तुम्हारी बात नहीं मानता, तुम गलत कह रहे हो। जब लोग सही बात कहते हैं, तो प्रधानमंत्री कहता है कि सही बात कह रहे हो। लेकिन अगर प्रधानमंत्री सबके लिए काम नहीं करता है, तो वो प्रधानमंत्री नहीं होता। आज नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं है। हिंदुस्तान के किसान एक साल सर्दी में कोविड में सड़कों पर पड़े थे। प्रधानमंत्री ने उनसे बात करने की कोशिश तक नहीं की। क्या मोदी जी ने किसानों से पूछा कि मुझसे से बात करो? क्या प्रधानमंत्री ने ये कहा कि मुझे समझाओ कि तुम कृषि कानून क्यों नहीं चाहते हो?’

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोचा, ये किसान हैं, ये मजदूर हैं। मैं राजा हूं, राजा मजदूर और किसान से बात नहीं करता। राजा न सुनेगा ना बात करेगा। राजा सिर्फ निर्णय लेगा। नरेंद्र मोदी सोचते हैं राजा निर्णय लेगा तो जनता चुप रहेगी। यदि जनता चुप नहीं रहेगी तो सीबीआइ, ईडी, पुलिस और पैगासस शुरू हो जाएगा। बड़े उद्योगपति के लिए बैंक के दरवाजे खुले होते हैं, हमारे लिए बंद हैं। आपने हमें कहा हमारा कर्जा वापस करो। हमने दस दिन में करके दिखाया। 70 हजार करोड़ रुपये का कर्जा माफ किया। हमने फ्री गिफ्ट नहीं दिया। हम समझे आप मुश्किल में हो इसलिए मदद की। क्योंकि आपने देश की मदद की। हम जानते हैं आपके बिना देश नहीं चलेगा। ये देश भूखा रह जाएगा।
राहुल गांधी ने किसानों से कहा- ‘आप देश की नींव हो। यदि देश की नींव कमजोर होगी तो देश नहीं बचेगा। घोषणापत्र में हम चीजें लिखेंगे, लेकिन हमारी मानसिकता आपके साथ पार्टनरशिप बनाने की है। हिंदुस्तान में जो पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों के साथ किया, आपको एक साल अकेला सड़क पर, सर्दी में, कोविड के समय खड़ा कर दिया। कांग्रेस पार्टी मर जाएगी, खत्म हो जाएगी, कभी किसानों के साथ ऐसा नहीं करेगी। ये हम गारंटी देते हैं। हम ऐसी सरकार चाहते हैं, जिसमें किसान, मजदूरों और गरीबों को लगे ये हमारी सरकार है। जो भी हम कहना चाहते हैं, हम दिल खोलकर सरकार में मुख्यमंत्री को कह सकते हैं। ऐसी सरकार हम चाहते हैं।

 

 

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