सख्ती: महिला और पोक्सो में दर्ज मुकदमों पर तत्काल हो कार्यवाही: अभिनव कुमार
देहरादून। आज डीजीपी अभिनव कुमार ने मस्त परिक्षेत्र/जनपद प्रभारियों, पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ/ रेलवेज के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से अपराध एवं कानून व्यवस्था, महिलाओं एवं बाल अपराध, यातायात व्यवस्था, साईबर क्राइम तथा ड्रग्स की रोकथाम के सम्बन्ध में समीक्षा गोष्ठी आयोजित की।
डीजीपी अभिनव कुमार ने गोष्ठी के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ड्रग्स फ्री स्टेट की परिकल्पना को साकार करते हुए कानून एवं शान्ति व्यवस्था, यातायात व्यवस्था से सम्बन्धित समस्याओं का विश्लेषण कर इसका निराकरण किया जाये, गम्भीर आपराधिक घटनाओं पर पुलिस द्वारा सख्त कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया।
डीजीपी ने निर्देश दिये कि आपराधिक घटनाओं के घटित होने पर पुलिस तत्काल अभियोग पंजीकृत कर घटनाओं का शीघ्र अनावरण करें। शिथिलता/लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष व सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के एसीआर में प्रतिकूल प्रविष्टि भी शामिल होगी। गम्भीर अपराधों, चोरी, वाहन चोरी, चेन लूट, डकैती इत्यादि घटनाओं का अनावरण 90% प्रतिशत व चोरी व लूटी गयी सम्पत्ति की बरामदगी 70% से अधिक होनी चाहिए।
विगत 03 वर्षों से वाहन चोरी के अभियुक्त जेलों में निरूद्ध है उनकी जानकारी लेकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाये। वाहन चोरी की घटनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया जाये। सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ायी जाये तथा अलग से कंट्रोल रूम से नियंत्रित कर वाहन चोरी, गृह भेदन जैसी आपराधिक घटनाओं के अनावरण किया जाये साथ ही कानून एवं शान्ति व्यवस्था एवं यातायात प्रबन्धन हेतु फुटेज का सदुपयोग किया जाये।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुलूस, धऱना/प्रदर्शन करने से आम जनता को होने वाली समस्या के दृष्टिगत प्रदर्शनकारियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करें व पूर्व में ऐसे पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा भी की जाये। संवेदनशील एवं गम्भीर अपराधों में समय से मीडिया को ब्रीफ कर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही की जानकारी दी जाये साथ ही मासिक अपराध गोष्टी के उपरान्त मीडिया को ब्रीफ किया जाएगा।
अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवादों सम्बन्धी प्रकरणों में समय से अभियोग पंजीकृत कर विधिसम्मत कानूनी कार्यवाही की जाये, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न न होने पाये। राज्य की विभिन्न परियोजनाओं में बाहर से आने वाले दैनिक मजदूरों की पृष्ठभूमि की जानकारी करते हुए अनिवार्य रूप से सत्यापन कराया जाय। ईनामी/ वांछित अपराधियों की धरपकड हेतु चलाये गये 01 माह के विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए, सभी जनपद प्रभारियों को स्वयं संज्ञान लेते हुए अभियान को सफल बनाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये साथ ही अभियान की मुख्यालय स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिये गये।
इसी तरह से महिला एवं बाल अपराध के लिए डीजीपी ने पोक्सो एक्ट/महिला एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। पोक्सो एक्ट में अभियुक्त की गिरफ्तारी, पीड़िता के कोर्ट के समक्ष बयान, पीड़िता की मनोवैज्ञानिक एक्सपर्ट द्वारा काउंसलिग, पीड़िता व उसके परिवार सम्बन्धित अपर पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से संवाद किया जाएगा। सभी स्कूलों और कॉलेजों में पोक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक एजुकेशन मॉडल तैयार किया जायेगा। जिससे छात्र-छात्राओं को इन कानूनों की जानकारी दी जा सके एवं महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए हैल्पलाइन नम्बरों का प्रचार-प्रसार किया जाए।
साइबर क्राइम को सभी जनपद प्रभारी इसे प्राथमिकता पर लें। आईटी एक्ट के अन्तर्गत विवेचनाओं को तेजी से निपटाने के लिए प्रशिक्षित निरीक्षकों को नियुक्त किया जाये तथा साईबर अपराध के सम्बन्ध में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाए।
उत्तराखण्ड राज्य को ड्रग्स मुक्त राज्य बनाने के लिए बडे ड्रग्स पैडलरों तथा सोर्स ऑफ ड्रग्स को चिन्हित कर उनके विरूध कार्यवाही की जाये साथ ही एनसीबी से सेटेलाइट डाटा लेकर अवैध अफ़ीम/चरस की खेती को नष्ट करने की कार्यवाही को अमल में लाया जाए, सिन्थैटिक ड्रग्स द्वारा युवाओं को अभ्यस्त बनाने का प्रयास न हो इस सन्दर्भ में बरामद ड्रग्स में सिन्थैटिक ड्रग्स की मात्रा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला से परीक्षण कराकर तदनुसार एनडीपीएस एक्ट के अनुसार कार्यवाही की जाए।
यातायात के संबंध में डीजीपी द्वारा यातायात निदेशक अरूण मोहन जोशी को यातायात प्रबंधन हेतु मैनपावर का आंकलन करने के लिए निर्देशित किया। जिससे यातायात ड्यूटी में अधिक से अधिक कार्मिकों की नियुक्ति की जा सके। हॉट-स्पॉट अथवा दुर्घटना जनित स्थानों पर उनकी नियुक्ति करने के निर्देश दिये व मुख्य हाईवेज पर कट एवं इन पर गलत साइड से वाहन ले जाने के बारे में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए भी बताया गया।
इस दौरान एपी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना, विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय, कृष्ण कुमार वीके, केएस नागन्याल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, अरूण मोहन जोशी, निदेशक यातायात, सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, प्रो0 एण्ड मार्ड0, पी रेणुका देवी पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था आदि मौजूद रहे।

