हैल्थ टिप्स: स्ट्रॉबेरी खाना किडनी रोगियों के लिए होता है लाभदायक, मिलते हैं कई फायदे
शरीर के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए फलों का सेवन अच्छा माना जाता है। इसी कड़ी में स्ट्रॉबेरी को सभी पसंद करते हैं, जो अपने बढ़िया स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है।इसका सेवन करना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भी लाभदायक होता है। स्ट्रॉबेरी को डाइट में शमिल करने से किडनी की बीमारियों से आराम मिल सकता है। स्ट्रॉबेरी का रोजाना सेवन करने से किडनी रोगियों को कई फायदे मिल सकते हैं।
कम मात्रा में होता है पोटेशियम
पोटेशियम विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला खनिज है, जो शरीर के लिए जरूरी होता है। हालांकि, किडनी रोगियों को इसका सेवन सीमित करने के लिए कहा जाता है। एडवांसेज इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि कम पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थ क्रॉनिक किडनी रोग के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। स्ट्रॉबेरी में पोटेशियम कम होता है, जिस वजह से यह किडनी की बीमारियों से पीडि़त लोगों के लिए अच्छी है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
स्ट्रॉबेरी विटामिन सी, एंथोसायनिन और फ्लेवोनोइड जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। ये यौगिक ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।यह बेरी संभावित रूप से किडनी की बीमारी की प्रगति को धीमा कर सकती है। साथ ही इसके सेवन से शरीर की पुरानी बीमारियों के जोखिम को भी कम किया जा सकता है।स्ट्रॉबेरी के सेवन से हमारे शरीर को कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे भी मिलते हैं।
उच्च मात्रा में मौजूद होता है फाइबर
फाइबर से लैस स्ट्रॉबेरी खाने से पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं। साथ ही यह खनिज ब्लड शुगर को नियंत्रित करके मधुमेह के लक्षण कम करता है, जो क्रॉनिक किडनी रोग का प्रमुख करक है। क्लिनिकल किडनी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि फाइबर से भरपूर खाद्य-पदार्थ क्रॉनिक किडनी रोग की प्रगति को कम करने में मदद कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी को इन 5 तरह से करें डाइट में शामिल।
दुरुस्त होता है दिल का स्वास्थ्य
किडनी के स्वास्थ्य के लिए दिल का स्वस्थ होना बेहद जरूरी होता है। आपका दिल आपके शरीर में ऑक्सीजन युक्त खून पहुंचाने का काम करता है, वहीं किडनी रक्त को फिल्टर करती है। साथ ही ये रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आपके शरीर में पानी और नमक के स्तर को नियंत्रित करती हैं। आप दिल को स्वस्थ रखने और किडनी को ठीक तरह से काम करने में मदद करने के लिए स्ट्रॉबेरी को खान-पान में जोड़ें।
संतुलित मात्रा में होता है फास्फोरस और सोडियम
किडनी के रोगियों को कम फास्फोरस और सोडियम वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है। स्ट्रॉबेरी में ये दोनों खनिज कम मात्रा में पाए जाते हैं।फास्फोरस और सोडियम, दोनों ही खनिज किडनी की समस्याओं को बढ़ाकर आपको बीमार कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी के इस्तेमाल से बनाकर पीएं ये 5 स्वादिष्ट पेय पदार्थ।अगर आप किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं तो डॉक्टरी सलाह के बिना किसी भी नुस्खे का इस्तेमाल न करें। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह मानें।

कहीं परेशानी की वजह न बन जाए ‘कीवी’
कीवी सेहत के लिए रामबाण से कम नहीं है. इसमें विटामिन सी, पोटैशियम और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन इसमें एक खास एंजाइम भी पाया जाता है, जो कुछ लोगों में पेट की समस्याओं का कारण बन सकता है. ऐसा कीवी ज्यादा खाने पर होता है. दरअसल, कीवी एक ऐसा फल है, जो डेंगू की बीमारी को ठीक कर देता है.
साथ ही शरीर की रिकवरी के लिए लाभदायक होता है. यह खाने को पचाने में मदद भी करता है, लेकिन अगर इसे ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए तो कई दिक्कतें भी शुरू हो सकती हैं. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा कीवी खाने से पेट की समस्याएं और एलर्जी भी हो सकती हैं.
ज्यादा कीवी खाने से कौन-कौन सी समस्याएं-
ब्लीडिंग प्रॉब्लम
कीवी के अधिक सेवन से कुछ लोगों को ब्लीडिंग हो जाती है. कीवी शरीर में खून के जमने की प्रक्रिया के समय को बढ़ा देता है, जिससे खून का बहाव रूकता नहीं है. इसकी वजह से छोटी सी चोट के बाद भी ज्यादा ब्लीडिंग होने लगती है. इसलिए ज्यादा कीवी खाने से मना किया जाता है.
एलर्जी
ज्यादा मात्रा में कीवी खाने से कई लोगों में एलर्जी की समस्या भी हो सकती है. इसमें क्रॉस सेंसिटाईजेशन नाम की एलर्जी भी है. ऐसा होने पर छोटी-मोटी चोट में भी बहुत ज्यादा दर्द होता है. खून भी ज्यादा निकलती है. इससे स्किन प्रॉब्लम्स और लाल चकत्ते भी हो सकते हैं.
जी मचलना
ज्यादा कीवी खाने से कुछ लोगों में पेट की समस्याएं हो जाती हैं. इसकी वजह से पेट दर्द, उल्टी, जी मचलना, डायरिया और पाचन से जुड़ी दिक्कतें होती हैं. इस वजह से ज्यादा कीवी खाने से मना किया जाता है.
ओरल एलर्जी सिंड्रोम
अधिक मात्रा में कीवी खाने से कुछ लोगों को मुंह में सूजन भी हो जाती है. कीवी में मौजूद एंजाइम ब्रोमेलिन के कारण, कुछ लोगों में ऐसे एलर्जिक रिएक्शन देखने को मिल सकते हैं. अगर कीवी खाने के बाद इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

