मुद्दा: राजधानी में टॉयलेट व्यवस्था पर एक सप्ताह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, माकपा ने जताया रोष
अनंत आकाश
देहरादून। अस्थायी राजधानी होने के बावजूद देहरादून शहर में बड़ी आबादी के लिए सार्वजनिक यूरिनल तथा टॉयलेट्स की व्यवस्था न होना, सरकारी विभागों और जनप्रतिनिधियों के नाकारपन की पोल खोल देता है। इस समस्या पर नगरनिगम /स्मार्ट सिटी/एमडीडीए प्रशासन द्वारा समय-समय पर बड़े बड़ दावे किए गए लेकिन आज भी स्थिति जस की तस है। शहरवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ त्यौहारों के सीजन के कारण भी शहर की बढ़ती आबादी तथा पर्यटकों को इस समस्या से लगातार रुबरू होना पड़ता है। शर्मनाक बात तो यह है कि एक तरफ शासन-प्रशासन स्मार्ट होने का बड़ा बडा़ दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ शहर में नागरिक सुविधाओं की स्थिति बदतर होती जा रही है। मुख्य मार्गों पर सार्वजनिक टॉयलेट्स /यूरिनल नहीं हैं। एक दो स्थानों पर जो हैं, वहाँ भी मरम्मत का कार्य कछुए की चाल से चल रहा है। कोई हालात की सुध लेने वाला नहीं है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इसे गम्भीर लापरवाही एवं जनता के प्रति अन्यायपूर्ण व्यवहार क़रार दिया है। पार्टी ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों की इस बात के लिऐ आलोचना की है कि वे जनता के प्रति अपनी जबाबदेही का पालन नहीं कर रहे हैं। पार्टी ने इस स्थिति एवं शहर की खस्ताहालत के लिये वे सीधेतौर पर उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने शीघ्र ही इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है।

