राजनीति: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेन्द्र कुमार ने भ्रष्टाचार व लोकायुक्त पर सरकार को घेरा

राजनीति: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता  सुरेन्द्र कुमार ने भ्रष्टाचार व लोकायुक्त पर सरकार को घेरा
Spread the love

 

भाजपा को दी घोटालों पर खुली बहस की चुनौती

मुख्यमंत्री को बताया खनन प्रेमी व घोषणावीर

संवाददाता
देहरादून, 11 नवम्बर।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व सलाहकार सुरेन्द्र कुमार ने भ्रष्टाचार व लोकायुक्त पर सरकार को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को खनन प्रेमी व घोषणावीर बताते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई प्रेसवार्ता में उन्होंने भाजपा सरकार के शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य को लोकायुक्त की आवश्यकता नहीं है, मुख्यमंत्री धामी से सवाल पूछा कि वो बतायें कि लोकायुक्त पर उनका क्या स्टेंड है ? क्या वो शिक्षा मंत्री के बयान से सहमत हैं, क्या 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में सरकार बनते ही लोकायुक्त देने का वादा जनता के साथ धोखा था ? क्या भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है या अपने घोटालेबाजों को बचाने के लिये प्रयास किया जा रहा है? सबको याद है कि हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राजभवन भेजा गया लोकायुक्त कानून के प्रस्ताव की अकाल हत्या राजभवन में की गई है। वहीं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व सलाहकार ने भाजपा के एक प्रवक्ता द्वारा कांग्रेस के घोटालों की बात कहने पर उल्टा भाजपा सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया । उन्होंने कहा कि विधानसभा के सत्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष ने आपदा का हत्यारा किसे कहा था, सन ऑफ सरदार, पाली हाऊस घोटाला, जिस पर भाजपा ने तीन दिन तक विधानसभा नहीं चलने दी थी, वो कौन नेता लोग थे ? क्योंकि जिन लोगों पर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाये थे वो तो सब भाजपा को सुशोभित करने वाले नेता व मंत्री हैं व सरकार में विराजमान हैं। आगे अपने हमले को तेज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल जी को दिल्ली राष्ट्रपति भवन जाकर 419 घोटालों के आरोप भाजपा के मुख्यमंत्रियों व सरकार पर लगाने वाले भी अब भाजपा में ही विराजमान हैं। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हमारे मित्रगण चाहेंगे तो वो 419 घोटालों की फेहरिस्त उनको भेजी जा सकती है और चाहें तो सोशल मीडिया, टीवी चैनल व चौराहे पर इन घोटालों पर बहस के लिए वो तैयार हैं। क्योंकि उनके केन्द्रीय गृहमंत्री भी चौराहे पर दो दो हाथ करना चाहते है। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर को मुख्यमंत्री द्वारा कि गई घोषणाओं को हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं को नाम बदल कर घोषणा करने का आरोप भी लगाया है और कहा कि मुख्यमंत्री जी घोषणावीर हो गये है क्योंकि उन्हें पता ही नहीं कि जिन योजनाओं को अपना बता रहे हैं वो तो पहले से ही चल रही योजनायें है जिसमें मात्र नाम बदला गया है। साथ ही उन्होंने आन्दोलनकारी व अन्य पेंशन योजनाओं को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार आते ही इनमें बढोत्तरी की जायेगी।

Parvatanchal