आक्रोश: मणिपुर के मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन, मानव श्रृंखला बनाकर जताया विरोध
देहरादून। मणिपुर में जारी हिंसा और बलात्कार की घटनाओं के विरोध में यहां विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला निकाली ।
रविवार सुबह गांधी पार्क में बढ़ी संख्या में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मानव श्रृंखला रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर की पीड़ित जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए मणिपुर के भाजपा मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगा । इस अवसर पर वक्ताओं ने पीएम मोदी की भूमिका पर भी गम्भीर सवाल उठाये ।
जनगीतों के साथ निकाली गयी इस रैली में विभिन्न संगठनों एवं राजनैतिक दलों ने हिस्सेदारी की। इनमें उत्तराखंड महिला मंच, जनवादी महिला समिति, इन्सानियत मंच, सीपीएम, सीपीआई, पीएसएम, कांग्रेस, बीजीवीएस, सीटू ,एस एफ आई, किसान सभा, एटक, चेतना आन्दोलन, सर्वोदय मंडल, गढ़वाल सभा, संवेदना, जनसंवाद,आयूपी, उत्तराखंड आन्दोलनकारी आदि अनेक संगठन शामिल थे।
इस मौके पर प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि मणिपुर की घटना से मातृशक्ति की भावना आहत हुई है। सरकार मातृशक्ति की बात करती है, लेकिन मणिपुर की घटना के बाद देश की महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में पूरे देश में हताशा और निराशा का माहौल है। जिस प्रकार की मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं, उनसे लोग आहत हैं। ऐसी घटनाओं के चलते देश में अराजक स्थिति बन रही है, लेकिन इस और केन्द्र सरकार कोई ध्यान नही दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र सरकार ने इस मामलें में गंभीरता नही दिखाई तो सरकार की नीतियों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
संयुक्त प्रदर्शन में सेवानिवृत मुख्य सचिव एस के दास, आईएएस विभा पुरी दास, पूर्व आईएएस एस एस पांगती ,रवि चौपड़ा ,कमला पंत ,इन्दुनौडियाल ,दमयन्ती नेगी ,गरिमा माहरा दशौनी, गिरधर भण्डारी,समर भण्डारी,सुरेन्द्र सजवाण ,गंगाधर नौटियाल ,अनन्त आकाश ,लेखराज ,नितिन मलेठा ,हिमान्शु चौहान ,निर्मला बिष्ट ,शंकर गोपाल ,सतीश धौलाखण्डी , विजय भट्ट ,इन्देश नौटियाल ,अशोक शर्मा ,राकेश पन्त ,दिनेश नौटियाल ,अजय शर्मा ,रजिया बेग ,नवनीत गुंसाई ,मोहन रावत ,नुरैशा ,जितेन्द्र गुप्ता ,कृष्ण गुनियाल ,धूम सिंह नेगी आदि के साथ बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
