परेशानी: गढ़वाल में कहर बरपा रही है बारिश,मलबा और बोल्डर गिरने से कई मोटर मार्ग बाधित,जनजीवन अस्त-व्यस्त
टिहरी (गढ़वाल)। जिले में तेज बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कतें स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही हैं। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि जिस दिन बारिश होती है, उस दिन स्कूल प्रशासन को अपने अधिकारों का प्रयोग करके अवकाश देना चाहिए, ताकि छोटे बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत ना हो। क्योंकि पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति मैदानी क्षेत्रों से अलग होती हैं, इसलिए स्कूलों को इस दिशा में फैसला लेना चाहिए।
टिहरी जिले में तेज बारिश के चलते मसूरी बाईपास रोड बंद हो गई है, जिसके बाद सड़क खोलने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन भेजी गई है। वहीं टिहरी के डीएम मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह बारिश में अलर्ट रहें। इसी के चलते कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त की गई हैं। साथ ही डीएम ने सभी अधिकारियों अपना मोबाइल फोन ऑन रखने को कहा है, जिससे लोगों को समय रहते राहत पहुंचाई जा सकें।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग बाधित
उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में जौनसार बाबर की लाइफ लाइन कहा जाने वाला कालसी चकराता मोटर मार्ग जगह-जगह बंद हो गया है। मार्ग पर मलबा और बोल्डर आने से बाधित हो गया है, जिसके चलते जगह-जगह वाहन फंसे हुए हैं। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग साहिया के सहायक अभियंता राधिका शर्मा ने बताया कि चार मशीनें मौके पर भेज दी गई हैं। लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते मार्ग खोलने में दिक्कत पैदा हो रही है।
कोटद्वार में बारिश से नदी नाले उफान पर

पौड़ी गढ़वाल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन काफ़ी प्रभावित हो गया है। भारी बारिश से जनपद में सभी नदियां उफान पर बह रही हैं। भारी बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग 119-534 लगातार बाधित हो रहा है। नेशनल हाईवे-534 कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य यात्री फंसे हुए हैं। जनपद में अब तक 10 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। साथ ही जिले में लोक निर्माण विभाग के 30 मोटर मार्ग बंद हैं, पीएमजीएसवाई के 13 मार्ग और एक राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग तथा 27 ग्रामीण क्षेत्रों के मार्ग बाधित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
श्रीनगर में डॉ धन सिंह रावत ने किया निरीक्षण
प्रदेश के स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर रेलवे द्वारा तैयार नवनिर्मित मोटर पुल व अल्केश्वर घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से अल्केश्वर घाट को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही कहा कि जीजीआईसी में निर्माण कार्यों के लिए दो करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। वहीं अलकनंदा किनारे सुरक्षा दीवार के लिए 8 करोड़ रुपए दिए गये हैं। डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर के 8 स्कूल मॉडल स्कूल के रूप में विकसित होंगे। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण भी किया।

