बड़ी खबर: बरसाती बाढ़ की तेज़ लहरों को नहीं झेल पाया मालिनी नदी का पुल, ढह गया बीचों-बीच का एक हिस्सा
कोटद्वार। इलाक़े में हो रही भारी बारिश के चलते यहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उफनते नदी- नालों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मालन नदी में आई बाढ़ के तेज़ बहाव में नदी पर बना पुल ढह गया है। पुल के बीचों-बीच का एक हिस्सा गिर गया है। हादसे के दौरान पुल पर चल रहे लोगों पर हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों तरफ के ट्रैफिक को किसी तरह रुकवा कर बड़ी अनहोनी को टालने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल मौके पर प्रशासन की टीम पहुंच गई है। एसडीएम प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंच कर लोगों को पुल से वापस भेजने की कार्रवाई कर रहे हैं। घटनास्थल पर जमा लोगों को नदी के तट से दूर किया जा रहा है। कोटद्वार से करीब 7 किमी दूर पदमपुर (मोटाढाक) में मालन नदी पर बने इस पुल के ढह जाने से बाहर के दर्जनों गांवों का हरिद्वार, ऋषिकेश , देहरादून से सड़क संपर्क टूट गया है। मालिनी नदी के अलावा भाबर की खोह व सुखरौ नदियों समेत तमाम बरसाती नाले (रौखड़) उफ़ान पर हैं। कोटद्वार शहर की सड़कों में बरसाती पानी नाले की तरह बहने लगा। नालों के किनारे बसी बस्तियों में कुछ घरों में भी पानी घुस जाने की खबरें आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश होने से हादसों की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं। पहाड़ दरकने और लैंडस्लाइड के चलते कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। अभी भी कई सड़कें बंद हैं। वहीं बारिश के बाद दुगड्डा, लैंसडौन और बैजरो की 33 सड़कों पर मलबा आने के कारण आवाजाही बाधित हो गयी है। जिससे इन मार्गों से जुड़े दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। लोनिवि की ओर से जेसीबी मशीनें लगा बंद मार्गों को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है लेकिन बरसात के चलते यहां पर स्थिति विकराल रूप लेती जा रही है और लोग अनहोनी की आशंकाओं के साथ अज्ञात भय में जीने को विवश हैं।
हालात बयां करते कुछ वीडियो-
