आलोचना: जनवादी महिला समिति ने पहलवान बेटियों पर पुलिस बर्बरता की कड़े शब्दों में की निंदा
देहरादून। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति उत्तराखंड राज्य कमेटी ने दिल्ली में अपनी न्यायोचित मांगों के लिए आन्दोलित पहलवान बेटियों पर पुलिसिया बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की है ।
समिति की प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी ने कहा है कि देश की होनहार बेटियां, जिनका मान सम्मान वैश्विक पैमाने पर है और जिन्होंने कड़ी मेहनत से देश का नाम रोशन किया है, वर्तमान मोदी सरकार उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा करने की बजाय उन पर दमन की कार्रवाई कर रही है। यौन उत्पीड़न का दोषी बृजभूषण सिंह आज खुलेआम मोदीजी की छत्रछाया में आजाद घूम रहा है। नेगी ने कहा कि संसद की नई इमारत के उद्घाटन के मौके पर होने वाले महिला सम्मान पंचायत के लिए जा रहे लोगों को हिरासत में लेना इस सरकार के तानाशाही रवैये का पर्दाफ़ाश करता है। दिल्ली पुलिस ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके घरों और रास्ते से हिरासत में लेने के साथ ही प्रदर्शनकारी पहलवानों के धरना स्थल को भी ध्वस्त कर दिया है। समिति की प्रांतीय महामंत्री नेगी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ किया गया दुर्व्यवहार और उन्हें हिरासत में लेना निंदनीय एवं शर्मनाक है। इनके साथ गिरफ्तार होने वालों में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा सांसद सुभाषिनी अली , भीम अवार्ड से सम्मानित पूर्व फुटबॉल प्लेयर जगमति सांगवान व दिल्ली राज्य कमेटी की अध्यक्ष मेमुना मुल्ला सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं । इसके साथ ही डीवाईएफआई -एस एफ आई के नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया तथा किसान नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से भरी बसों को भी दिल्ली में प्रवेश करने से पहले ही रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है ।
पोक्सो एक्ट में नामजद आरोपी बृजभूषण शरण की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी ने कहा है कि जनवादी महिला समिति उत्तराखंड पहलवानों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हो रहे आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और उनके प्रति अपनी एकजुटता दिखाती है । सत्ता के नशे में चूर मोदी सरकार की तानाशाही का पुरजोर विरोध करते हुए समिति आगामी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता तक इनके कारनामों को उजागर करने का काम करेगी।

