आयोजन: जनरल विपिन रावत की स्मृति में आयोजित मैथ्स ओलंपियाड में 40 स्कूलों के बच्चों ने की शिरकत
देहरादून। यहां के पैवेलियन ग्रांउड में दून डिफेंस इंटरनेशनल स्कूल व दून डिफेंस करियर प्वाइंट ने मैथ्स ओलंपियाड व खेल महाकुंभ का आयोजन किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि के तौर पर देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा व स्वामी दर्शन भारती ने शिरकत की। दून डिफेंस इंटरनेशनल स्कूल व दून डिफेंस करियर प्वाइंट के निदेशक जे.पी. नौटियाल और मोनिका नौटियाल ने अतिथियों का स्वागत करने के साथ उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किये। इस अवसर पर निदेशक जेपी नौटियाल ने संस्थान द्वारा सालभर कराये गये कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस दौरान सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य, स्टाफ व छात्र-छात्राओं के परिजन मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि मेयर सुनील उनियाल गामा व स्वामी दर्शन भारती ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसके बाद निदेशक जेपी नौटियाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की स्मृति में मैथ ओलंपियाड का आयोजन किया गया था। इस मैथ ओलंपियाड में देहरादून के 40 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान में आने वाले छात्र व छात्राओं को शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने पुरस्कार के रूप में 15000, 10,000 और 5000 की धनराशि प्रदान की। दून डिफेंस इंटरनेशनल स्कूल के मास्टर परीक्षित नौटियाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बेवरली हिल के मास्टर अर्जुन पंडित व मास्टर अंकुश सिंह ने द्वितीय तथा गोवर्द्धन शिशु विद्या मंदिर की कुमारी प्राची जसवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन छात्र-छात्राओं को शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत मेयर सुनील उनियाल गामा व स्वामी दर्शन भारती ने सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें दीं। वहीं खेल महाकुंभ में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में दून डिफेंस इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ ही गिरीश
पंचोली व एस.पी पंचोली, श्रीमती मधु भट्ट, कर्नल नौटियाल, शिक्षक-शिक्षिकाएं व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
राज्य के 15 लाख बच्चों को निःशुल्क कॉपी-किताब देगी सरकार- डाॅ धन सिंह रावत
मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनायें देते हुए कहा कि यह अच्छा प्रयास है। इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले साल मार्च के बाद प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के सभी खाली पदों को भरने जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के 15 लाख बच्चों को सरकार ने निःशुल्क कॉपी-किताब देने का निर्णय किया है। घुमंतु व गरीब बच्चों के लिए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम से हॉस्टल बनायेंगे। आने वाले वर्ष में सरकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के बाद विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में जाने के लिए तमन्ना एप्टिट्यूड टेस्ट से 150 शिक्षकों द्वारा 2000 बच्चों को करियर काउंसलिंग दी जाएगी। एनसीईआरटी के माध्यम से तमन्ना एप्टिट्यूड टेस्ट पूरे देशभर में और राज्य में करवाए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राएं यह तय कर पाएंगे कि उन्हें किस दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आठवीं कक्षा के बाद विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स चुन सकते हैं, जिसको लेकर 400 स्कूलों में वोकेशनल क्लासेज शुरू की जा रही है। डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के 40 लाख छात्र-छात्राओं की हेल्थ आईडी बनाने का कार्य चल रहा है। हेल्थ आईडी के माध्यम से बच्चे का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएगा। हर स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीम आकर यह हेल्थ आईडी बनाने जा रही है। हेल्थ आईडी बनने के बाद ऑनलाइन चिकित्सक की परामर्श ले पाएंगे।
दून डिफेंस इंटरनेशनल स्कूल व दून डिफेंस करियर प्वाइंट के निदेशक जेपी नौटियाल ने कहा कि उनके संस्थान का गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त शिक्षा पर पूरा फोकस रहता है। प्रत्येक बच्चे के अंदर कुछ न कुछ प्रतिभा होती है। हमारे संस्थान के शिक्षक उस छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाकर उसे संवारने और निखारने का काम करते हैं। इसके साथ ही स्वच्छ घर-स्वच्छ भारत, नशा मुक्त घर-नशा मुक्त भारत जनजागरूकता अभियान भी हमारे संस्थानों द्वारा चलाया जाता है। संस्थान की सह निदेशक मोनिका नौटियाल ने कहा कि मैथ ओलंपियाड करने का उद्देश्य बच्चों का बौद्धिक विकास करने के साथ मैथ फोबिया को खत्म करने का था। हम यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष करेंगे।
