शिकंजा: चेकिंग के दौरान पुलिस ने पकड़ी कार के भीतर छिपी तिजोरी, लाखों की नकदी और चांदी भरी थी तिजोरी में
रुद्रपुर। यहां यूपी की सरहद पर वाहनों की चेकिंग कर रही पुलिस की टीम उस वक्त हैरानी में पड़ गई जब एक कार की तलाशी में उसके हाथ कीमती खजाना लग गया। यह कीमती खजाना एक तिजोरी में भरा था, जिसे कार की सीट के नीचे छिपाकर रखा गया था। दरअसल, यहां की पुलभट्टा पुलिस ने एक ऐसी कार पकड़ी, जिसमें सीट के भीतर छिपी तिजोरी में खजाना भरा था। पुलभट्टा पुलिस ने चेकिंग के दौरान तिजोरी से 63 लाख 70 हजार की नगदी के साथ ही 11 किलो 580 ग्राम चांदी बरामद की है। रकम के बारे में उचित जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने आयकर विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर बुला लिया।
जानकारी के अनुसार, करीब एक बजे पुलभट्टा थानाध्यक्ष और उनकी टीम द्वारा सितारगंज रोड की ओर से आ रही ग्रे कलर एक आई टेन कार (नम्बर UK06 W-6257) को रुटीन चेकिंग के लिए रोका। जांच के दौरान कार के अन्दर पिछली सीट पर एक बड़ी तिजोरी मिली, जो सीट कवर से ढकी हुई थी। तिजोरी को एक बड़ी चाबी से खुलवाया गया। पुलिस ने लॉकर को खोलकर चैक किया तो उसके अन्दर 500 के नोटों की 110 गड्डियां कुल 55 लाख रुपये व 2 हजार के नोटों की तीन गड्डियां कुल 6 लाख रुपये नगद व 200 रुपये के नोटो की 5 गड्डियां 2 लाख रुपये नगद व 70 हजार रुपये खुले जिसमें 100-200- 500-2000 के नोट थे, मिलीं। इस प्रकार कुल 63 लाख 70 हजार रुपये नगद बरामद हुए तथा एक थैली के अन्दर चांदी के 10 बिस्कुट व कुछ चांदी की पुरानी ज्वैलरी बरामद हुई। चांदी के 10 पीस बिस्कुट का वजन 9 किलो ग्राम व पुरानी ज्वैलरी का वजन 2 किलो 580 ग्राम कुल वजन 11 किलो 580 ग्राम चांदी थी। पुलिस ने कार सवार अनुपम वर्मा व अमित वर्मा, दोनों पुत्र मुकेश वर्मा, निवासी कोतवाली के पीछे, खटीमा (जनपद उधमसिंहनगर) को हिरासत में ले लिया। दोनों लोग मौके पर उक्त बरामद रकम एवं चांदी के सन्दर्भ में कोई प्रपत्र पेश नहीं कर पाए। वाहन चालक विनोद राणा पुत्र फकीर चन्द, निवासी कुमरा, थाना- खटीमा (उधमसिंहनगर) भी वाहन के कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर पुलिस ने वाहन को एमवी एक्ट में सीज कर दिया। पुलिस ने आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव व सुनील कुमार मिश्रा, आरटीओ इन्कम टैक्स आफिसर को फोन कर सम्पूर्ण घटना क्रम की जानकारी दी। इन्कम टैक्स की टीम ने मौके पर आकर जांच की और बरामद रुपयों व चांदी को फर्द बनाकर कब्जे में ले लिया। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।

