ऐलान: अंकिता प्रकरण से वोट चोरी तक, कांग्रेस सभी मुद्दों पर घेरेगी सरकार
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की फेहरिस्त तैयार कर ली है। अंकिता भंडारी हत्याकांड, वोट चोरी, चंदा चोरी, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, गांवों से पलायन और वन्यजीवों के बढ़ते आतंक जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी। कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने और चुनावी माहौल अपने पक्ष में बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के आनुषांगिक संगठनों के अध्यक्षों के साथ बैठक की और बैठक में विधानसभा चुनाव अभियान में इन संगठनों की भूमिका, कार्यक्रमों में भागीदारी और पार्टी की रणनीति को जन-जन तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा की ।
इसी रणनीति के तहत कांग्रेस 27 अक्टूबर को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानसभा का घेराव करेगी। पार्टी ने इस कार्यक्रम को व्यापक रूप देने के लिए कार्यकर्ताओं को लामबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में विधानसभा क्षेत्रवार प्रदर्शन, जनसभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ अपने आरोपों और मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान शुक्रवार शाम देहरादून के होटल हयात सेंट्रिक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, चुनाव अभियान की दिशा और जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने तय किया कि प्रदेश के ज्वलंत सवालों को अभियान का हिस्सा बनाकर सरकार के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाया जाएगा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और विधायक भुवन कापड़ी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने 27 अक्टूबर के विधानसभा घेराव में अंकिता भंडारी प्रकरण को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाने का निर्णय लिया है। पार्टी का लक्ष्य इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रदेशभर में संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जाएंगी।
घेराव से पहले 22 से 25 अक्टूबर तक विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन और सभाएं आयोजित कर स्थानीय स्तर पर जनता से संवाद किया जाएगा। इस दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण के साथ ही भ्रष्टाचार, वोट चोरी, चंदा चोरी, कानून व्यवस्था, पलायन और वन्यजीवों के आतंक जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। कांग्रेस इन सवालों के जरिए सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर निशाना साधेगी।
चुनावी अभियान को संगठन के सभी स्तरों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस आनुषांगिक संगठनों को भी सक्रिय करने की तैयारी में है।
कांग्रेस की इस कवायद को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने और सरकार के खिलाफ मुद्दों को एक साझा अभियान में बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब पार्टी की रणनीति का अगला पड़ाव 22 से 25 अक्टूबर तक होने वाले प्रदेशव्यापी कार्यक्रम और 27 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव होगा।

