आवाज़: आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग को लेकर ग्रामीण डाक सेवकों ने दिया धरना
पौड़ी। आठवें वेतन आयोग में शामिल करने और विभागीय लक्ष्यों के नाम पर बनाए जा रहे दबाव से राहत दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीण डाक सेवकों ने गुरुवार को प्रधान डाकघर पौड़ी में धरना-प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले आयोजित धरने में कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगें उठाते हुए विभाग से जल्द समाधान की मांग की।
संघ की प्रमुख मांग है कि ग्रामीण डाक सेवकों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें भी वेतन संबंधी लाभ मिल सकें। इसके साथ ही प्रीमियम जमा कराने, नए खाते खुलवाने और अन्य निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के नाम पर कर्मचारियों पर बनाए जा रहे कथित दबाव को बंद करने की मांग की गई।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों पर लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए और उन पर जरूरत से ज्यादा लक्ष्य थोपने की व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए।
संघ के मंडलीय सचिव प्रेम सिंह भंडारी ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक डाक विभाग की सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद लक्ष्य पूरा करने के नाम पर उन पर दबाव बनाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने विभाग से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और कार्य संबंधी दबाव कम करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में संघ अध्यक्ष विजय नैथानी, उपाध्यक्ष श्रीधर प्रसाद, रमेश चंद्र, सोहन लाल, शांति देवी, यशोदा देवी, नीमा देवी और वंदना सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

