आवाज़: वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह पर आयोजित कार्यक्रम में जंगली हाथियों के आतंक से निजात की गुहार
रुद्रपुर(आरएनएस)। शांतिपुरी नंबर एक में शनिवार को वन विभाग की ओर से वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में जंगली हाथियों, नीलगायों, बंदरों, जंगली सूअरों तथा पहानदी में लगातार बढ़ रहे मगरमच्छों के कारण फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्यजीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। डौली वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों को वन्यजीवों से होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नुकसान को कम करने के उपाय बताए। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की।उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए जल्द ही बी-हाई फेंसिंग और अन्य प्रभावी उपायों की व्यवस्था कराई जाएगी। फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए इलेक्ट्रिक फेंसिंग की व्यवस्था कराने का भी प्रयास किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वन्यजीव के हमले में ग्रामीण की मृत्यु होने पर सरकार की ओर से 10 लाख रुपये और घायल होने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। ग्राम स्तर पर ग्राम वन सुरक्षा समितियों को पुन सक्रिय किया जाएगा।
वनकर्मी सम्मानित
इस दौरान प्रदीप कुमार ने लंबे समय से सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगलों में छोड़ने वाले वनकर्मी सुरेंद्र सिंह कार्की को वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर सात अक्तूबर को सम्मानित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य प्रेम आर्य, प्रधान प्रतिनिधि जगदीश कांडपाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य सरोजिनी कार्की, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कोरंगा, वन दरोगा पान सिंह मेहता, वन बीट अधिकारी हरीश सिंह बिष्ट, जीवन आर्य, बसंत बल्लभ पंत, गोविंद सिंह, हरेंद्र कुमार, संदीप सिंह, अर्जुन नाथ गोस्वामी, मोहन चंद्र भट्ट, सुरेश चंद्र पर्गाई, सुंदर सिंह कार्की, प्रताप सिंह कार्की, भोपाल सिंह कार्की, महेंद्र सिंह कार्की, चंचल सिंह कोरंगा, प्रिंस कुंवर, इंदर सिंह आदि रहे।

