सैल्यूट: खून से लथपथ होने के बावजूद स्मित ने खोला कॉकपिट का दरवाजा, आपात संकेत भेजकर बचाई 174 लोगों की जान
तेल अवीव(RNS)। दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को गंभीर संकट से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के नए विवरण सामने आए हैं। साथी पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल होने और सिर व हाथों में चाकू के गहरे घाव के बावजूद स्मित ने न केवल कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, बल्कि कथित तौर पर विमान की आपात संकेत प्रणाली के जरिए हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र को भी संकट की जानकारी पहुंचाई।
अमेरिकी सांसद और वाणिज्यिक विमान चालक टिम शीही के अनुसार, कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के दौरान घायल स्मित ने संभवत: विमान के संकेत प्रसारण उपकरण का इस्तेमाल कर हवाई यातायात नियंत्रकों को स्थिति की जानकारी दी होगी। उनके मुताबिक, सह-पायलट से संघर्ष करते हुए स्मित ने विमान का चार अंकों वाला संकेत कोड बदला होगा, जिससे हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र को आपात स्थिति का संकेत मिला।
विमान में लगे संकेत प्रसारण उपकरण के जरिए चार अंकों का संकेत कोड प्रसारित किया जाता है। इससे हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र विमान की पहचान करने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम होता है। सामान्य उड़ानों में विमान को विशिष्ट संकेत कोड दिया जाता है, लेकिन कुछ कोड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपात संकेत के रूप में निर्धारित हैं।
इनमें 7500 संकेत विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या अपहरण की स्थिति से संबंधित है। इस घटना के दौरान इसी तरह के आपात संकेत के सक्रिय होने के बाद विमान की स्थिति को लेकर संबंधित एजेंसियां सतर्क हुईं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन के अनुसार, हमले के बाद स्मित खून से लथपथ हालत में कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बची हुई ताकत का इस्तेमाल करते हुए दरवाजा खोलने वाला बटन दबाया। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट में पहुंचने और हमलावर को काबू करने का अवसर मिला।
विमान में सवार इजरायली यात्री यानिव हयुन, जो पेशे से प्लंबर हैं, ने बताया कि वह कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को पकड़कर उसे नियंत्रण कक्ष से दूर किया। हयुन के मुताबिक, कुछ समय के लिए उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाला। विमान स्थिर होने के बाद तीसरे पायलट ने उनसे नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यानिव हयुन से मुलाकात भी की।
घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी असाधारण बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे का सामना करने और घायल होने के बावजूद स्मित ने अदम्य साहस दिखाया तथा दूसरों की जान बचाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम किया।
घटना के दौरान यात्रियों, चालक दल और विमान में मौजूद अन्य लोगों के प्रयासों से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में सफलता मिली। घायल कैप्टन स्मित मच्छार को उपचार के लिए सऊदी अरब के ताबुक में भर्ती कराया गया है।

