तैयारी: बारिश-बर्फबारी के बीच अलर्ट मोड पर आया उत्तरकाशी प्रशासन, डीएम ने स्मार्ट कंट्रोल रूम से संभाली कमान
उत्तरकाशी। जनपद में लगातार हो रही बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बीच जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर जिलेभर में मौसम और यातायात की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न तहसीलों से प्राप्त हो रही वर्षा, भूस्खलन और सड़क मार्गों से जुड़ी सूचनाओं की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की स्थिति की लाइव सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की। उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों से लगातार फीडबैक लेते हुए मौसम खराब होने की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। लगातार बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते फिलहाल चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया है।
डीएम ने एनएच, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त मशीनरी और मैनपावर तैनात रखा जाए। किसी भी सड़क के भूस्खलन अथवा अन्य कारण से बंद होने की सूचना मिलते ही मौके पर मशीनरी भेजकर मार्ग को यथाशीघ्र यातायात के लिए सुचारू कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और अन्य गतिविधियों के लिए गए लोगों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ट्रैकरों से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए ट्रैकरों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने अथवा सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सूचना समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू और राहत दल पूरी तरह तैयार रहें। आवश्यक होने पर बिना किसी देरी के बचाव अभियान शुरू किया जाए और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें।
चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। धामों में दर्शन कर चुके और वापस लौटना चाह रहे यात्रियों के लिए सुरक्षित वापसी की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को लगातार अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों से मौसम, सड़क, भूस्खलन और अन्य आपात स्थितियों से संबंधित सूचनाएं लगातार प्राप्त की जाएं। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों के साथ तत्काल समन्वय कर त्वरित कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम मुक्ता मिश्र, डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े, उपनिदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क मयंक गर्ग, एसडीआरएफ के जगदंबा प्रसाद, डीडीएमओ शार्दूल गुसाईं तथा सेना, एनडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

