मौसम अपडेट: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में रेड अलर्ट, बादल फटने और भूस्खलन का खतरा

मौसम अपडेट: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में रेड अलर्ट, बादल फटने और भूस्खलन का खतरा
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छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण बारिश का दौर जारी

 

नई दिल्ली (आरएनएस)। मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के बावजूद देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। वहीं मुंबई में शुक्रवार को दिनभर उमस भरी गर्मी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से आने वाले दिनों में मध्य भारत से लेकर उत्तर और पहाड़ी राज्यों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि यहां भारी बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार रात के समय ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए शनिवार और रविवार को रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। इसके चलते बादल फटने, भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है।
बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए नारंगी चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन और लोमौसमगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, हरदोई, कानपुर, लखनऊ और फर्रुखाबाद में भारी बारिश हो सकती है। सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, कासगंज, महाराजगंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा और अयोध्या में भी तेज बारिश की संभावना है।
प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, जौनपुर और मिर्जापुर में मध्यम बारिश हो सकती है। रामपुर और मुरादाबाद के आसपास रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। रविवार को बारिश का प्रभाव उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर प्रभावित हो सकते हैं।
महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शनिवार को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि पूर्वी विदर्भ के नागपुर, वाशिम, भंडारा, गढ़चिरौली, गोंदिया और ब्रह्मपुरी में बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार हैं।
विदर्भ में रविवार को बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं, लेकिन 28 सितंबर के आसपास मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में पहले ही काफी बारिश हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
झारखंड और बिहार के पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। झारखंड और ओडिशा में तेज आंधी के दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।
उत्तराखंड में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में फिलहाल हल्की बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 28 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दिल्ली में भारी बारिश की संभावना नहीं है और यहां हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ ओडिशा तथा उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को अगले 12 घंटों तक इन क्षेत्रों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश के बीच किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बारिश से कपास, दलहन, धान और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को फिलहाल कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव नहीं करने तथा खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। जलभराव की स्थिति में फसलों को नुकसान से बचाने के लिए तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, मौसम प्रणाली मध्य भारत से उत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। वहीं मध्य भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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