सियासी रार: हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का सख़्त  रुख, सात सितंबर को करेगी सीएम आवास कूच

सियासी रार: हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का सख़्त  रुख, सात सितंबर को करेगी सीएम आवास कूच
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देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस इस मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक रूप से गरमाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सात सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया गया है।

कांग्रेस का आरोप है कि खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण कराए जाने की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शुचिता पर सवाल खड़े करती है। पार्टी इस मामले को लेकर सरकार और भाजपा पर लगातार हमलावर है। अब कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है।

सीएम आवास कूच में जुटेगी कांग्रेस की ताकत

सात सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में जुटने की संभावना है। कांग्रेस इसे केवल एक विरोध प्रदर्शन के बजाय सरकार के खिलाफ राजनीतिक संदेश देने वाले बड़े कार्यक्रम के तौर पर पेश करने की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी होती है तो हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस के हमले और अधिक तीखे हो सकते हैं।

चुनाव से पहले मुद्दे को धार देने की कोशिश

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस इस घटनाक्रम को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का फोकस अब हल्द्वानी की घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगने और इसे प्रदेशव्यापी मुद्दे के रूप में स्थापित करने पर है। सात सितंबर का मुख्यमंत्री आवास कूच इसी रणनीति की अगली कड़ी माना जा रहा है।

दूसरी ओर, कांग्रेस के इस आंदोलन से प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस के हमले का किस तरह जवाब देती है।

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