आवाज़: पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण, विधायक के निर्देश पर शासन को गया प्रस्ताव
कोटद्वार(आरएनएस)। भेल्डा छोटा गांव के ग्रामीण कच्ची और खस्ताहाल सड़क पर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पौड़ी नेशनल हाईवे से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव में पक्की सड़क की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव में गांव से पलायन भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में गांव तक पहुंचने के लिए कच्चे पैदल मार्ग का ही सहारा था। वर्ष 2013 में ग्रामीणों की मांग पर विधायक निधि से कच्ची सड़क का निर्माण कराया गया था। करीब ढाई माह में रोड कटिंग का काम पूरा हुआ लेकिन अभी तक मार्ग को पक्के मार्ग में तब्दील नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2019 में लोनिवि दुगड्डा ने सड़क निर्माण के लिए नए सर्वे कराए थे। पौड़ी हाईवे से भेल्डा तक करीब दो किलोमीटर सड़क और पुलिया निर्माण के लिए 1.39 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी गई। प्रस्तावित सड़क के करीब 300 मीटर हिस्से में आरक्षित वन भूमि आने के कारण भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है। वर्ष 2024 में जिला योजना से चार लाख की लागत से पुश्ता निर्माण और सफाई का कार्य कराया गया था। विधायक रेनू बिष्ट ने मार्च 2026 में लोनिवि के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर सड़क निर्माण का आकलन तैयार करने के निर्देश दिए थे। जेई मनीषा डोभाल ने बताया कि विधायक के निर्देश पर भेल्डा छोटा से डाडामंडी मुख्य बाजार तक करीब 4.5 किमी नई सड़क के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।

